अब डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के बाद सबूत जुटाने हर घर जाएंगे नगर निगम कर्मचारी

जबलपुर। नगर निगम मुख्यालय से बिल लेने के बाद ज्यादातर कर्मचारी बिलों को घरों तक न पहुंचाकर कचरे के ढेर में डाल देते रहे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा।

कर्मचारी अब कचरे में नहीं फेंक पाएंगे कचरे का बिल, देना होगा ये सबूत

मुख्यालय से जितने भी कचरा, जल और संपत्तिकर के बिल जारी होंगे, कर्मचारियों को हर घर में पहुंचाकर उनकी पावती लाना होगा। निगमायुक्त ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।

डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का पौने दो साल में ही 20 करोड़ रुपए बकाया होने पर निगमायुक्त ने कड़ाई करना शुरू कर दिया है। ऐसी शिकायत मिल रही थी कि कचरा के बिल लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पाते। संभागीय कार्यालय स्तर पर इन बिलों को बांटने वाले कर्मचारी बिलों को घरों में न पहुंचाकर कचरे के ढेर में डाल देते हैं। इसीलिए निगमायुक्त चंद्रमौलि शुक्ला ने बिलों की पावती लाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

इन बिलों को सोमवार से बांटने का काम शुरू होना है। इसीलिए निगमायुक्त ने समस्त संभागीय अधिकारी एवं राजस्व निरीक्षकों को निर्देशित किया जाता है कि संभागों को उपलब्ध कराए गए डोर टू डोर के आवासीय देयकों को वार्ड के कर संग्रहिताओं एवं नोटिस सर्वरों के माध्यम से 25 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से वितरित करवाएं तथा उनकी पावती वार्ड अनुसार राजस्व शाखा मुख्यालय में भेजने की व्यवस्था करें।

कॉल सेंटर से जांचा जाएगा बिल मिले या नहीं

आवासीय देयक भी संभागीय कार्यालयों को 26 अक्टूबर तक उपलब्ध कराए जाएंगे। इनको भी 3 नवंबर तक वितरित कराकर उनकी भी पावती मुख्यालय में वार्डवार भेजना सुनिश्चित करें। मुख्यालय स्तर से व्यावसायिक तथा आवासीय सम्पत्ति के 10 प्रतिशत देयकों का सत्यापन निगम के कॉल सेंटर से कॉल कराकर कराया जाएगा।

निगमायुक्त ने आदेश में यह भी कहा है कि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की वसूली की राशि संभागों के दिए गए लक्ष्य में जोड़ी जाएगी तथा इसकी भी सम्पत्तिकर एवं जलशुल्क के साथ वार्ड वार समीक्षा की जाएगी। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के बिल बांटने के बाद संपत्ति और जलकर के बिल भी इसी तरह बांटे जाएंगे और उनकी पावती ली जाएगी।

इनका कहना है

डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के बिल बांटने के काम 25 तारीख से शुरू होना हैं। बिल प्रिंट हो चुके हैं। इस आदेश से व्यवस्था में सुधार आएगा और बकाया राशि की वसूली हो सकेगी।

-पीएन सनखेरे, उपायुक्त राजस्व