जबलपुर HC ने सांसद ज्ञान सिंह को नोटिस जारी कर ट्रांसफर पर रोक लगाई, जानिये पूरा मामला

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जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश के जरिए शहडोल के सांसद ज्ञानसिंह के दबाव में किए गए तबादले पर रोक लगा दी। इसी के साथ सांसद ज्ञानसिंह सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया गया। इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।

शुक्रवार को न्यायमूर्ति वंदना कासरेकर की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता अनूपपुर निवासी शिवपूजन त्रिपाठी की ओर से अधिवक्ता अनिरुद्ध पाण्डेय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता डिप्टी रेंजर के पद पर कार्यरत है।

विभागीय स्तर पर उससे दुर्भावना रखने वालों के सांसद ज्ञानसिंह से अच्छे ताल्लुकात हैं। इसी वजह से सांसद के जरिए दबाव बनवाकर अनूपपुर से रीवा ट्रांसफर करा दिया गया। इसके लिए स्वयं के खर्चे पर तबादला चाहने संबंधी फर्जी पत्र तक तैयार कराया गया।

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विभागीय जांच में वह पत्र फर्जी निरूपित कर दिया गया। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा तबादले के विरोध का एक और बिन्दु यह है कि याचिकाकर्ता कर्मचारी संघ का संभागीय अध्यक्ष है। ऐसे में नियमानुसार उसका तबादला नहीं किया जा सकता।

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