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कहाँ पहुंची आजादी के 72 साल बाद ट्रेन, फिर लोगों ने कैसे की आगवानी

अलीराजपुर। मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल अलीराजपुर जिले में आजादी के 72वें साल में जब ट्रेन का टेस्टिंग इंजन पहुंचा तो सैकड़ों लोग उसे देखने और स्वागत करने भावुक होकर उमड़ पड़े. इसमें कई ऐसे भी लोग थे जो जीवन में पहली बार कोई ट्रेन या उसका इंजन देख रहे थे. लोगों ने ढोल ढमाको और आतिशबाजी के साथ इंजन का स्वागत किया.

दरअसल, सन 1923 में अंग्रजों के जमाने में जिस छोटा उदयपुर से धार से जोबट रेलवे लाइन प्रस्तावित थी, वह 95 साल बाद जब टेस्टिंग इंजन के रूप अपनी झलक लेकर पहुंची, तो सैकड़ो लोगों ने रेलवे ट्रक पर पहुंचकर इंजन का स्वागत किया.

शनिवार को करीब ढाई बजे ट्रेन का ट्रायल इंजन अलीराजपुर रेलवे कैंप आफिस के पास पहुंचा तो स्वागत करने हजारों लोग मौजूद थे, कोई आतिशबाजी कर रहा था तो कोई ढोल नगाड़े बजा रहा था. टेस्टिंग इंजन के साथ आये रेलवे के स्टाफ को आम लोगो ने फूल मालाओं से लाद दिया गया.

स्वागत करने वालों मे आदिवासी ग्रामीण भी थे, जिन्हे हिंदी नहीं आती लेकिन अपनी भिलाली भाषा में अपनी खुशी व्यक्त करते हुऐ कहा कि जीवन मे उन्होंने पहली बार ट्रेन का इंजन देखा है, आज से पहले उन्हें नहीं पता था कि इंजन कैसा होता है.