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रेल्‍वे की नजर अब पातालपानी-कालाकुंड ट्रैक पर, दिसंबर तक मिलेगा पर्यटन पैकेज

इंदौर : रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने घोषणा की है कि मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के पातालपानी-कालाकुंड ट्रैक की ऐतिहासिक विरासत को सहेजा जायेगा और ब्रितानी काल की इस मीटर गेज लाइन पर दिसंबर तक विशेष पर्यटन पैकेज पेश किया जायेगा।

लोहानी ने यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में बताया कि हमने फैसला किया है कि 10 किलोमीटर लम्बे पातालपानी-कालाकुंड ट्रैक को ऐतिहासिक विरासत के रूप में संरक्षित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि हम पातालपानी-कालाकुंड ट्रैक के लिये दिसंबर तक विशेष पर्यटन पैकेज पेश करेंगे। आगामी मार्च तक इस रेलवे ट्रैक पर जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित कर इसे नया पर्यटन केंद्र बनाया जायेगा।

लोहानी ने बताया कि पातालपानी और कालाकुंड के रेलवे स्टेशनों तथा इनके बीच के सिग्नलिंग सिस्टम को पुराने जमाने के माहौल के मुताबिक ढाला जायेगा, ताकि सैलानियों को अतीत की सैर का अनुभव हो सके। इस क्षेत्र में सैलानियों के ठहरने के लिये भी इंतजाम किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि मैं जब वर्ष 2008 में मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (एमपीएसटीडीसी) का प्रबंध निदेशक (एमडी) था, तब खुद मैंने रेल मंत्रालय से मांग की थी कि इस रेलवे ट्रैक की धरोहर को सहेजा जाये। आखिरकार यह मांग पूरी हो रही है।

सुरम्य पहाड़ी इलाके से गुजरता पातालपानी-कालाकुंड ट्रैक इंदौर से खंडवा को जोड़ने वाली ऐतिहासिक मीटर गेज लाइन का हिस्सा है। बारिश के मौसम के दौरान इस इलाके के प्राकृतिक सौंदर्य में चार चांद लग जाते हैं। घनी हरियाली के साथ झरनों तथा नदियों के खूबसूरत नजारे के गवाह बनने के लिये लिये सैलानी इस ट्रैक पर चलने वाली रेलों में सफर करते हैं।