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एक्ट से खफा जनपद अध्यक्ष ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा

 कटनी। बंद के समर्थन में शहर में निकली रैली में शामिल कटनी जनपद पंचायत के अध्यक्ष कन्हैया तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफे की सार्वजनिक घोषणा कर दी। कन्हैया तिवारी ने रैली के साथ चल रहे जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि एससी एसटी एक्ट के संशोधन सवर्णों के खिलाफ है।

काला कानून को लेकर वे व्यथित हैं। इसका सवर्ण समाज व्यापक स्तर पर विरोध व्यक्त कर रहा है। सवर्णों की इस भावना के प्रति अपना समर्थन देते हुए भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।

यह घोषणा उन्होंने रैली के साथ चलते हुए शहर के कई चौराहों में दोहराई। उल्लेखनीय है कि जनपद अध्यक्ष शैलेष तिवारी कन्हैया को क्षेत्रीय विधायक संदीप जायसवाल का खास माना जाता है। कटनी जनपद अध्यक्ष के रूप में उनकी ताजपोशी से लेकर जनपद पंचायत द्वारा आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में विधायक संदीप जायसवाल की उपस्थिति भी लगातार दोनों नेताओं मधुर संबंधों का संदेश देती रही है। एन विधानसभा चुनाव के वक्त विधायक के खास समर्थक द्वारा पार्टी छोड़ने के ऐलान को लेकर पार्टी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाऐं व्याप्त है। दबी जुबान में यह भी कहा जा रहा है कि कहीं यह सोची-समझी योजना का हिस्सा तो नहीं।

गौरतलब है कि इसके पहले कटनी जनपद के पूर्व अध्यक्ष वेंकट निषाद ने भी भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। निषाद को भी विधायक संदीप जायसवाल का समर्थक माना जाता है। एक के बाद एक नेताओं के भाजपा छोड़ने को लेकर सियासी गलियारों में यह भी चर्चाऐं यह है कि भाजपा से टिकट न मिलने की स्थिति में अपने बी प्लान के मुताबिक विधायक संदीप जायसवाल कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। अपनी इसी योजना को मूर्तरूप देने के लिए वे अभी से कांग्रेस में अपने समर्थकों की टीम तैयार कर रहे हैं। पहले वेंकट निषाद और अब कन्हैया तिवारी के अचानक भाजपा से मोहभंग को इसी रूप में देखा जा रहा है।

कन्हैया तिवारी ने हालांकि फिलहाल कांग्रेस में जाने की घोषणा नहीं की है पर यह सर्वविदित है कि उनकी निष्ठा विधायक संदीप जायसवाल के साथ है। इस मसले पर खुलकर वे भले ही कुछ न बालें पर राजनीति में रूचि रखने वाले लोग यह कतई मानने को तैयार नहीं कि अपने नेता के इशारे के बगैर वे पार्टी छोड़ सकते हैं।