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महाबंद को व्यापक सफलता

कटनी। केन्द्र सरकार द्वारा एससी, एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में देशव्यापी महाबंद को कटनी जिले में भी सफलता मिली। शहर समेत उपनगरीय क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में भी सुबह से बाजार नहीं खुले।

व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर महाबंद का आव्हान करने वाले संगठनों का साथ दिया। मेन रोड से पिछड़ा अल्प संख्यक सवर्ण समाज के नेतृत्व में एक रैली भी निकाली गई। जिसमे नारेबाजी करते हुए देशभक्ति गीत बजाए जा रहे थे। बंद को शहर के करीब आधा सैकड़ा से अधिक संगठनों ने समर्थन दिया है।

सवर्णों और पिछड़ा वर्ग का साथ देने में भाजपा नेता भी पीछे नहीं रहे। बंद के समर्थन में निकली रैली में भाजपा नेताओं के साथ कांग्रेस के नेता भी नजर आए। गौरतलब है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछड़ा, अल्पसंख्यक, सवर्ण समाज के हित में पारित आदेश के विरूद्ध केन्द्र सरकार द्वारा एससी-एसटी एक्ट बिल लाया गया है, जिसको लेकर पूरे देश में विरोध हो रहा है।

पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, सवर्ण समाज ने केन्द्र सरकार से अपील की है कि इस बिल में संशोधन किया जाए। शहर के पेट्रोल पंप भी सुबह से बंद रहे। प्राईवेट स्कूलों में भी अवकाश दे दिया गया।


सूचना न मिलने से परेशान हुए स्कूली बच्चें
शहर में आज सुबह बंद का काफी असर देखा गया। सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और बाजारों में दुकाने बंद रहीं। इस दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों और उनके पेरेंट्स को उठाना पड़ी। कई स्कूलों में बंद को लेकर स्कूल भी बंद रहेगा। इस बात की सूचना नहीं दी गई थी। इसलिए स्कूल बस नहीं आने पर पेरेंट्स बच्चों को लेकर स्कूल गए तब स्कूल में छुट्टी होने की सूचना उनको मिली। इस बात को लेकर पेरेंट्स ने नाराजगी जताई और कहा कि कम से कम छुट्टी का मैसेज तो करना था।
सतर्क रहा पुलिस व प्रशासन
भारत महांबद को लेकर प्रशासन व पुलिस भी पूरी तरह से सतर्क रही। बंद को लेकर कलशाम को ही प्रशासन व पुलिस ने बंद समर्थक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और बंद के दौरान शांति व्यवस्था बनाए जाने की अपील की। वहीं आज सुबह से ही प्रशासन व पुलिस के द्धारा शहर भर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी तथा शहर की प्रमुख मार्गो सहित चौराहों व तिराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके अलावा प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी पूरे समय शहर में गश्त करते भी नजर आए। इस दौरान कलेक्टर के.व्ही.एस.चौधरी व पुलिस अधीक्षक मिथिलेश शुक्ला ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
बंद को इन संगठनों ने दिया समर्थन
कटनी बंद को चैम्बर आफ कामर्स, सराफा व्यापारी संघ, जिला अधिवक्ता संघ, आटो यूनियन संघ, मैन रोड व्यापारी संघ, जूनियर अधिवक्ता संघ, मोहन टाकीज रोड व्यापारी संघ, ट्रांसपोर्ट एसोसियशन संघ, बस आपरेटर एसोसियेसन, आजाद चैक व्यापारी संघ, कपड़ा बाजार व्यापारी संघ, हीरागंज व्यापारी संघ, झंडा बाजार किराना व्यापारी संघ, माधवनगर व्यापारी संघ, राईस मिल एसोसियेसन, दाल मिल एसोसियेसन, आईल मिल एसोसियेसन, आर्डनेन्स फेक्टरी बजरिया व्यापारी संघ, मंगलनगर व्यापारी संघ, झर्रा टिकुरिया, व्यापारी संघ, अनाज व्यापारी संघ, पान व्यापारी संघ, ठेला टपरा व्यापारी संघ, सुभाष चौक व्यापारी संघ, स्टेशन रोड व्यापारी संघ, ब्राम्हण समाज, अग्रवाल समाज, वैश्य समाज, सिंधु नवजवान संघ, मुस्लिम समाज, हम कदम, द्रोवण वेश्य समाज, अभा वैश्य महापरिषद, एनकेजे व्यापारी संघ, मिशन चौक् व्यापारी संघ, चांडक चौक व्यापारी संघ, शेर चौक व्यापारी संघ, पीरबाबा व्यापारी संघ, हाउसिंग बोर्ड व्यापारी संघ, शांतिनगर व्यापारी संघ, विश्राम बाबा व्यापारी संघ, खिरहनी व्यापारी संघ, नई बस्ती व्यापारी संघ, गणेश चौक व्यापारी संघ, जयदयाल रोड व्यापारी संघ, दिगम्बर जैन महापंचायत संघ, श्वेताम्बर जैन महापंचायत, दवा विक्रेता संघ, महेश्वरी समाज, मारवाडी समाज, राजस्थान समाज, अग्रवाल महासभा, अखिल भारतीय कायस्थ समाज, स्वर्णकार समाज, वैश्य महासम्मेलन, क्षेत्रीय नागरिक परिषद, जनलोक मोर्चा, हिन्दू जागरण मंच, हिन्दू टोली मंच, गोल बाजार किराना व्यापारी संघ, गोल बाजार कपड़ा व्यापारी संघ, विश्वकर्मा युवक विकास समिति ने समर्थन दिया।

स्लीमनाबाद में हादवे जाम किया प्रदर्शनकारियों ने


उधर स्लीमनाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 7 पर प्रदर्शनकारियों के द्धारा चकाजाम करने की खबर है। हमारे संवाददाता के मुताबिक हजारों की संख्या में उतरे प्रदर्शनकारियों ने स्लीमनाबाद तिराहे पर हाइवे को पूरी तरह से जाम कर दिया। जिसके कारण हाइवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रही। लगभग चार घंटे तक हाइवे पर चले धरना व प्रदर्शन के बाद चकाजाम समाप्त हुआ। जिसके बाद हाइवे पर वाहनों का आवागमन शुरू हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली।
अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शनः तहसीलों में भी बंद का असर
देशव्यापी बंद का असर जिले की सभी तहसीलों में देखा गया। बड़वारा, उमरियापान, ढीमरखेड़ा, बहोरीबंद, रीठी समेत अन्य स्थानों पर दुकानें दोपहर बाद तक बंद रहीं। बरही जनमोर्चा द्वारा बंद के स्थान पर अर्धनग्न प्रदर्शन करते हुए एसटीएसी एस्ट्रोसिटी एक्ट के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। अर्धनग्न प्रदर्शन जुलूस बरही नगर के रामलला दरबार से प्रारम्भ होकर मेन बाजार, चौक बाजार होते हुए बस स्टैंड पहुंचा, जहां प्रशासन को ज्ञापन सौपकर काला कानून वापस लेने की मांग की गई।