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‘के’ अक्षर से फिल्म बनाने के लिए मशहूर है ऋतिक के पिता राकेश रोशन

नायक के तौर पर उनकी पहली फिल्म 1971 में प्रदर्शित फिल्म ‘पराया धन’ थी। जो सुपरहिट रही। इसके बाद राकेश रोशन ने कई फिल्मों में अभिनय किया लेकिन खास सफल नहीं रहे। अभिनय में अपेक्षित कामयाबी हासिल नहीं कर पाने के बाद राकेश रोशन ने 1980 में ‘आपके दीवाने’ फिल्म के जरिए निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने 1982 में ‘कामचोर’ बनाई। इन दोनों फिल्मों में उन्होंने अभिनय भी किया। के. विश्वनाथ के निर्देशन में बनी इस फिल्म के सुपरहिट होने के बाद उन्हें यह लगा कि ‘के’ अक्षर उनके लिए लकी है और उन्होंने अपनी आगामी सभी फिल्मों के नाम‘के’अक्षर से रखने शुरू कर दिए। ‘के’ अक्षर से शुरू होने वाली उनकी फिल्में हैं-‘खुदगर्ज‘,‘खून भरी मांग‘, ‘काला बाजार‘,‘किशन कन्हैया‘,‘कोयला‘,‘करण अर्जुन‘,‘कहो ना प्यार है‘,‘कोई मिल गया‘,‘क्रिश‘,‘क्रेजी-4‘,‘किंग अंकल‘,‘काइट््स’,‘क्रिश-3’और‘काबिल’आदि। वर्ष 2000 में प्रदर्शित फिल्म‘कहो ना प्यार है’के जरिये राकेश रोशन ने अपने पुत्र ऋतिक रोशन को फिल्म इंडस्ट्री में लांच किया। यह फिल्म उनकी सबसे बडी हिट फिल्मों में शामिल है। इस फिल्म से जुड़ा यह तथ्य भी रोचक है कि सर्वाधिक पुरस्कार पाने वाली बालीवुड की फिल्म होने पर इसे लिका बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में भी शामिल किया गया है।

वर्ष 2003 में प्रदर्शित‘कोई मिल गया’फिल्म राकेश रोशन के निर्माण और निर्देशन में बनी महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार की जाती है। इसी तरह इस फिल्म का सीक्वल ‘क्रिश’ और तीसरा संस्करण ‘क्रिश-3’ भी उनकी बेहद कामयाब फिल्मों में हैं जिसने छोटे बच्चों से लेकर सभी दर्शकों तक का भरपूर मनोरंजन किया। राकेश रोशन चार बार फिल्म फेयर पुरस्कार हासिल कर चुके हैं। ‘कहो ना प्यार है’ और ‘कोई मिल गया’ के लिए उन्हें निर्माता-निर्देशक का फिल्म फेयर पुरस्कार मिला है। फिल्म इंडस्ट्री में 35 वर्ष पूरे होने पर उन्हें‘ग्लोबल इंडियन फिल्म अवाड्र्स’की ओर से भी सम्मानित किया गया है। राकेश रोशन अब फिल्म ‘क्रिश-4’ बनाने की तैयारी कर रहे हैं।