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कार्यालय की दीवारों पर गंदगी देख कलेक्टर ने उठाया झाड़ू, फिर देखने मिला ऐसा नजारा


दरअसल कलेक्टर आस्तिक कुमार पांडे अकोला के लोक निर्माण विभाग के ऑफिस में औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। जहां उन्होंने दीवारों को पान और गुटखा की पीक से रंगा पाया। विभाग की दीवारों और उसके कोनों में गंदगी फैली हुई थी। कलेक्टर ने इसे देखते ही तत्काल एक बाल्टी पानी और एक कपड़ा मंगवाया और फिर सफाई में जुट गए।


कलेक्टर को सफाई करते देख कर्मचारी शर्मिंदा हो गए और उन्होंने आश्वासन दिया कि अब कोई शिकायत नहीं मिलेगी। वे खुद दफ्तर को साफ-सुथरा रखेंगे कर्मचारियों से आश्वासन मिलने के बाद ही पांडे ने सफाई का काम छोड़ा। जिला कलेक्टर को दीवारों की गंदगी को साफ करने का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग आस्तिक कुमार पांडे के इस कदम की खूब सराहना कर रहे हैं।


ऑफिस के एक अधिकारी ने बताया कि  कलेक्टर ने दूसरे विभागों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने एक कोने में गोबर देखा तो एक झाड़ू लेकर खुद उसे साफ किया। इस साल मई महीने में सरकार ने देश में सबसे स्वच्छ शहर का ऐलान किया था। स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में देश में एक बार फिर मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर ने पहला स्थान पाया है, राजधानी भोपाल दूसरे स्थान पर रहा।