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सीबीएसई बदलेगा बोर्ड एग्जाम का पैटर्न, अब छोटे सवालों की बढ़ेगी संख्या

जबलपुर। स्टूडेंट्स की रटने की आदत खत्म करने, एग्जाम के प्रेशर को कम करने और उनके मानसिक विकास के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) बड़े बदलाव करने जा रहा है। ये चेंजेस 2020 से कक्षा 10 और 12वीं के स्टूडेंट्स के लिए लागू होंगे।

वोकेशनल सब्जेक्ट के टेस्ट पैटर्न और रिजल्ट डिक्लेयर करने की प्रोसेस में बदलाव किए जाएंगे। नए एग्जाम पैटर्न में स्टूडेंट्स की एनालिटिकल एप्रोच को परखा जाएगा। इससे स्टूडेंट्स में रटने की आदत को रोका जा सकेगा।

2020 से क्वेश्चन पेपर में आने वाले ज्यादातर सवाल प्रॉब्लम सॉल्विंग मोड के होंगे। इनमें 1 से 5 अंक के छोटे क्वेश्चन की संख्या ज्यादा रहेगी। एग्जाम का फोकस इस बात पर होगा की स्टूडेंट्स की लर्निंग प्रॉसेस और उनकी सोचने की क्षमता का आकलन किया जा सके।
सीबीएसई ने जारी की गाइडलाइन
सीबीएसई की गाइडलाइन के मुताबिक स्कूलों के एफिलिएशन और नवीनीकरण के दौरान संस्थानों की अकेडमिक क्वालिटी पर फोकस किया जाएगा। स्कूलों में बुनियादी ढांचे के निरीक्षण के लिए, बोर्ड मान्यता प्राप्त अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर रहेगा। इस प्रपोजल में अभी 3-4 महीने का और समय लगेगा, लेकिन बोर्ड ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
क्वेश्चन पेपर एनालिटिकल पैटर्न के होंगे। इसमें आंसर अपने शब्दों में लिखना होगा।
ज्यादा से ज्यादा छोटे क्वेश्चन दिए जाएंगे, ताकि स्टूडेंट्स को सोचने का अवसर मिले।
स्टूडेंट्स की तार्किक क्षमता का आकलन करने पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। इससे स्टूडेंट्स का मेंटल डेवलपमेंट हो सकेगा।
वोकेशनल सब्जेक्ट के एग्जाम अगले सत्र से फरवरी में होंगे, जबकि मुख्य विषयों की परीक्षा मार्च में समाप्त हो जाएगी।
पेपर की रेटिंग के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और रिजल्ट समय पर घोषित होगा।
एग्जाम में पूछेंगे एनालिटिकल और लॉजिकल क्वेश्चन