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भारी मात्रा में खपत हो रही है अमानक पॅालीथिन की

जबलपुर। पॉलीथिन का उपयोग रोकने के लिए मप्र प्रदूषण बोर्ड द्वारा अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम 2011 के तहत 40 माइक्रोन से कम पॉलीथिन को अमानक श्रेणी में रखा गया है। अधिनियम में उल्लेख है कि रिसाइकिल कैरी बैग में खाद्य पदार्थों का भंडारण व पैकिंग नहीं की जाए। लेकिन अंबाह में इस ओर कार्रवाई नहीं होने से बाजार में प्रतिमाह अमानक पॉलीथिन की क्विंटलों खपत हो रही है।
बीमारियां फैलाती है अमानक पॉलीथिन
एक मार्च 2011 को सुप्रीम कोर्ट ने सभी नगरीय निकायों को अमानक पॉलीथिन के उपयोग पर प्रतिबंधित लगाने के निर्देश दिए थे। प्रतिबंध लगाने पर कोर्ट का तर्क है कि अघुलनशील और हानिकारक पॉलीथिन के ढेर लगने से मनुष्य को कई तरह बीमारियां लगने का खतरा रहता है, वहीं मवेशियों की मौत तक हो जाती है। इसके अलावा जमीन की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ भूमिगत जल एवं पर्यावरण संतुलन प्रभावित हो रहा है।