जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में साफ किया कि धार्मिक पंडालों के जरिए किसी के घर का रास्ता बाधित न किया जाए। गृहसचिव, डीजीपी, कलेक्टर व एसपी इस आदेश का पालन सुनिश्चित कराएं।

गुरुवार को न्यायमूर्ति सुजय पॉल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता जबलपुर कैंट निवासी गया प्रसाद गुप्ता की ओर से अधिवक्ता सतीश वर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता सीनियर सिटीजन हैं। पिछले कई वर्षों से उसे घर के ठीक सामने न्यूसेंस मचाया जाता है। गणेश-दुर्गा आदि के पंडाल ठीक दरवाजे के सामने लगा दिए जाते हैं।

इससे घर में घुसना और बाहर निकलना दूभर हो जाता है। कई बार शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने के कारण न्यायहित में हाईकोर्ट आना पड़ा। ऐसा इसलिए भी करना पड़ा क्योंकि हाईकोर्ट के पूर्व आदेश-निर्देश के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से आदेश की मनमानी व्याख्या के जरिए ठोस कार्रवाई से पल्ला झाड़ा जा रहा है। इससे आम नागरिक का संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकार खतरे में है। धार्मिक पंडालों की वजह से होने वाला न्यूसेंस शांति से जीने के अधिकार पर हमले सदृश है।