शनिवार को कोर्ट ने दोषी मामा को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा 30 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने टिप्पणी की है कि मामा होते हुए भानजी से दुष्कर्म संबंधी कुकृत्य किया गया है। पवित्र संबंध को तार-तार किया गया है, इसलिए नरम रुख अपनाने की आवश्यकता नहीं है।

जिला अभियोजन अधिकारी व पैरवीकर्ता ईश्वरसिंह केलकर ने बताया कि महिदपुर निवासी किशोरी 1 मार्च 2017 को मां से 20 रुपए लेकर ब्यूटी पार्लर जाने का कहकर निकली थी। 3 घंटे बाद भी घर नहीं पहुंची तो मां ने थाने पर इसकी शिकायत की थी। पुलिस ने किशोरी को उसके मामा के कब्जे से बरामद किया था।

उसने पुलिस को बताया कि उसका मामा शादी का झांसा देकर अपने साथ उज्जैन ले गया था और उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। इस पर पुलिस ने उसके मामा के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। शनिवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीसी गुप्ता ने सजा सुनाई।