दरअसल छोटा बांगड़दा में जमीनों से जुड़े कुछ मामले हाईकोर्ट में चल रहे थे। हालांकि 2009 से चल रही इन याचिकाओं को लेकर पूर्व में हाई कोर्ट ने आदेश पारित कर कलेक्टर को आदेश के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। लेकिन तब से लेकर अभी तक कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया गया। इस पर याचिकाकर्ताओं ने साल 2017 में अवमानना याचिका लगाई। इसमें भी कोर्ट ने पूर्व में कलेक्टर को व्यक्तिगत उपस्थित होने का आदेश दिया था लेकिन पिछली तारीख पर कलेक्टर की ओर से समय लिया गया। इसके बाद फिर एक पेशी पर कलेक्टर नहीं आए। इस बार उन्होंने हाज़री माफी का आवेदन कोर्ट में दिया। इस पर कोर्ट ने समय देकर अगली पेशी पर उन्हें उपस्थित होने को कहा था।

गत 29 अगस्त को हुई सुनवाई में ना तो कलेक्टर उपस्थित हुए और ना ही उनकी ओर से हाजिरी माफी का कोई आवेदन आया। इस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट एके सेठी ने कोर्ट से कहा कि यह सीधे तौर पर न्यायालय की अवमानना का मामला बनता है। अतः कलेक्टर के विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई की जाए।

जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की हाई कोर्ट बेंच ने तर्कों को सुनने के बाद कलेक्टर को अगली सुनवाई पर आदेश का पालन किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही कलेक्टर निशांत वरवड़े पर 50 हजार रुपए का हर्जाना लगाया। यह राशि याचिकाकर्ताओं को अदा की जाएगी। अगली तारीख आगामी 17 सितंबर लगाई गई है।