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कांग्रेस में ब्लॉक लेवल पर बड़ी सर्जरी, पूर्व -पश्चिम में नेता तो, केंट- मध्य में संगठन की चली

जबलपुर। विधानसभा चुनाव 2018 के ठीक पहले कांग्रेस अपने संगठन में अनेक स्तरों पर परिवर्तन कर रही है। इसी क्रम में जिला स्तर पर 1 दर्जन से अधिक ब्लॉकों में बदलाव करते हुए नए चेहरों को स्थान दिया गया है ।13 ब्लॉक में से 11 ब्लॉक में नए अध्यक्ष बनाए गए हैं वही दो ब्लॉक अध्यक्षों को यथावत रखा गया है । इसमें जो सबसे बड़ा बिंदु सामने आया है वह यह है शहर की पूर्व विधानसभा सीट और पश्चिम विधानसभा सीट के ब्लॉकों में सिर्फ अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है । वही केंट और मध्य विधानसभा सीटों के ब्लॉकों में अध्यक्षों के साथ साथ कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए हैं जो बहुत से कांग्रेस नेताओं के गले नहीं उतर रहा।
यह हुए परिवर्तन
जो सूची जारी की गई है उसके अनुसार कस्तूरबा गांधी ब्लॉक में कपिल श्रीवास्तव और मौलाना आजाद ब्लॉक में शिव कुमार चौबे को यथावत रखा गया है इसके अलावा डॉक्टर राधाकृष्णन ब्लॉक से संजय अहिरवार मोतीलाल नेहरू ब्लॉक से जितेंद्र सिंह ठाकुर जाकिर हुसैन ब्लॉक से आजम अली खान वही इंदिरा गांधी ब्लॉग से शेखर सोनी जवाहरलाल नेहरु ब्लॉक से यशवंत सिंह गुर्जर, मदन महल ब्लॉक से दिनेश तमसे द्वार और शंकर साहब ब्लॉक से प्रमोद पटेल को अध्यक्ष बनाया गया है। मध्य विधानसभा अंतर्गत आने वाले इस तुरबा गांधी ब्लॉक में कपिल श्रीवास्तव के साथ तीन कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किए गए हैं। मौलाना आजाद ब्लॉक से शिव कुमार चौबे के अलावा दो कार्यकारी अध्यक्ष और कमला नेहरु ब्लॉक से रीता शेखर चौबे के साथ दो कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं कैंट विधानसभा की बात की जाए तो यहां राजीव चौक से जगमति चतुर्वेदी और गोकुल पुर ब्लाक से राजेंद्र पिल्ले के साथ एक कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं वहीं कैंट ब्लॉक में लखन सिंह ठाकुर के साथ इस कार्यकारी अध्यक्ष हैं।
यहां नहीं है कार्यकारी अध्यक्ष
यदि सूची को विस्तृत रूप में देखें तो पूर्व विधानसभा क्षेत्र में 3 ब्लॉक आते हैं जहां पर एक भी कार्यकारी अध्यक्ष नहीं बनाए गए हैं इसके अलावा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में भी चार ब्लॉक आते हैं यहां से भी एक भी कार्यकारी अध्यक्ष नहीं बनाए गए लेकिन मध्य विधानसभा सीट से जो 3 ब्लॉक आते हैं उसमें कुल 7 कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए हैं वहीं कैंट विधानसभा क्षेत्र के 3 ब्लॉकों में दो कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए हैं जबकि काम को बांटने और सभी को संगठन में स्थान देने के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेश स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक कार्यकारी अध्यक्ष की व्यवस्था तय की गई थी लेकिन 2 विधानसभाओं में कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।