चाईबासा। अब बारात में शामिल मारवाड़ी समाज की महिलाएं सड़क पर नहीं नाच सकेंगी। इसके अलावा शादी से पहले लड़के और लड़की फोटो सेशन (प्री-वेडिग शूटिग) नहीं करा सकेंगे। यह निर्णय गुरुवार को झारखंड में चाईबासा के मारवाड़ियों ने सर्वसम्मति से लिया। हालांकि इस निर्णय पर फिलहाल चाईबासा में ही अमल होगा, लेकिन आने वाले समय में यह नजीर होगा।

मारवाड़ी सम्मेलन की चाईबासा शाखा की कार्यकारिणी समिति ने सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए समाज के लिए नियम बनाने का निर्णय पिछली बैठक में लिया था। इसी के मद्देनजर गुरुवार को रूंगटा मैरेज हाउस में अनिल मुरारका की अध्यक्षता में मारवाड़ी सम्मेलन की स्थानीय शाखा की बैठक की हुई। शादी-ब्याह, जन्मोत्सव के अवसर पर किन्नरों द्वारा मनमाने तरीके से किए जाने वाले भयादोहन को रोकने के लिए पिछली बैठक में बनाई गई समिति ने बताया कि बार-बार किन्नरों को बुलाने का प्रयास किया ताकि उनसे बात कर मध्य का रास्ता निकाला जाए पर वे नहीं आएं।

बैठक में विचार-विमर्श के बाद जन्मोत्सव के अवसर पर 500 से 3100 रुपये एवं शादी-ब्याह के अवसर पर 1100 रुपये से लेकर अधिकतम 5000 रुपये तक नेग के तौर पर देने का निर्णय लिया गया। इसमें कहीं कठिनाई आती है तो सम्मेलन के पदाधिकारी या समिति के सदस्यों से संपर्क कर सकते हैं।

मारवाड़ियों की होगी जनगणना : चाईबासा और आसपास इलाके में रह रहे मारवाड़ियों की जल्द गिनती होगी। इस जनगणना में सभी लोगों से बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया गया। साथ ही इस दौरान तैयार परिवार की सूची सभी सदस्यों को दी जाएगी। इसके लिए वरिष्ठ सदस्य इन्दर पसारी को संयोजक बनाया गया। साथ ही उनसे आग्रह किया गया कि वे एक पांच सदस्यीय समिति बनाकर एक माह के अन्दर कार्य संपन्न करें। बैठक में निर्णय लिया गया कि समाज के हर परिवार तक समाज में होने वाले कार्यक्रमों की सूचना वाट्सएप द्वारा सम्मेलन पहुंचाएगा।