देवास। मानसिक रूप से बीमार 19 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने दो आरोपितों को मृत्यु पर्यंत कारावास की सजा सुनाई है। घटना अक्टूबर 2015 की है, जिसकी रिपोर्ट करीब सालभर बाद हुई थी। मिश्रीलाल नगर क्षेत्र में रहने वाली 19 वर्षीय युवती को 8 अक्टूबर 2015 को आरोपित अंकित पिता मदनलाल व राहुल पिता सुरेश यह कहकर ले गए थे कि तेरी मम्मी का एक्सीडेंट हो गया है।

आरोपित उसे मिश्रीलाल नगर नाले के समीप सूने मकान में ले गए, जहां दोनों ने युवती के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपितों ने उसे डराया-ध्ामकाया। घटना की जानकारी के बाद भी परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। इस दौरान आरोपित उसके सामने से निकलते थे तो युवती परेशान हो जाती थी। इस पर करीब सालभर बाद मामले में युवती की मां थाने पहुंची और केस दर्ज कराया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान ही यह बात सामने आई कि युवती मानसिक बीमार है।

मामले में गुरुवार को न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए अंकित पिता मदनलाल व राहुल पिता सुरेश को दोषी पाया। न्यायालय ने दोनों को सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में मृत्यु पर्यंत कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20-20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अपहरण की धाराओं में सात- सात वर्ष की सजा व पांच-पांच हजार रुपए अर्थदंड किया। धारा 342 में एकएक वर्ष की सजा व एक-एक हजार रु. अर्थदंड से दंडित किया।