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बांध के 11 गेटों से निकल रहे 2775 क्यूमिक परनी से उफनाई नर्मदा,ग्वारीघाट में नाग मंदिर डूबा

जबलपुर। पिछले तीन दिनों में हुई झमाझम बारिश से शहर के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी पानी भरने की समस्या उत्पन्न हो गयी, कई मकान धराशायी हो गये और कई गांव टापू में तब्दील हो गये थे। नदी, नाले उफान पर रहे और लोग पानी भरने की समस्या से जूझते रहे। बरगीबांध के 11गेटों से निकल रहे पानी के कारण नर्मदा नदी उफान पर है। बांध में प्रतिघंटा 2575 क्यूमिक पानी आ रहा है जबकि 11गेटों से 2775 क्यूमिक पानी की निकासी हो रही है। बांध के 5 गेट दो मीटर, 4 गेट डेढ़ मीटर व दो गेट एक मीटर तक खुले हैं। नर्मदा का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है । ग्वारीघाट में नाग मंदिर ड़्ब गया है कमानिया तक पानी आ गया है।

गत वर्ष की तुलना में 7 इंच पीछे है वर्षा का आंकड़ा

हालांकि स्थानीय मौसम कार्यालय के अनुसार फिलहाल आसमान पर बादल तो छाये हैं लेकिन तेज बारिश की संभावना कम है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे नये सिस्टम के चलते 1 सितम्बर के बाद एक बार फिर तेज बारिश का कहर झेलना पड़ सकता है। फिलहाल छाये बादलों से संभाग में छुटपुट बारिश की संभावना मौसम विभाग कार्यालय द्वारा दी गई है। यदि पिछले तीन दिनों के बारिश के आंकड़ों पर नजर डाली जाये तो मंगलवार को 52.4 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी जबकि कल बुधवार को 7.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई वही आज सुबह 8ः30 बजे तक 2.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। आज 30 अगस्त तक कुल 961 मिमी वर्षा दर्ज हो चुकी है जो कि 38 इंच के करीब है

जबकि 30 अगस्त तक 45 इंच बारिश हो जाना चाहिए थी। इस हिसाब से अभी गत वर्ष की तुलना में वर्षा का आंकड़ा 7 इंच पीछे चल रहा है। मौसम के संबंध में जानकारी देते हुये मौसम विभाग कार्यालय में जानकारी देते हुये बताया कि कल अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जो सामान्य से 4 डिग्री कम था जबकि न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो सामान्य रहा।