कटनी को भी गर्व है अटलजी परः सदा बसे रहेंगे यादों में

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कटनी। भारतीय राजनीतिक क्षितिज के दैदीप्यमान सितारे भारत रत्न पंडित अटल बिहारी बाजपेयी अब हमारे बीच नहीं रहे। दुनिया के सर्वमान्य नेता के रूप में अटल जी को वह पीढ़ी भी याद करती है जिसने शायद कभी उन्हे देखा अथवा सुना ही नहीं। आज पूरा देश अटल जी के इस विक्षोभ से दुखी है। कटनी शहर में भी अटल जी के निधन की खबर के बाद आज सुबह से ही एक अजीब सा सन्नाटा नजर आ रहा है।

अटल बिहारी बाजपेई का कटनी से गहरा नाता रहा है। जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक कई दफे उनका आगमन कटनी हुआ। पुराने लोगों की मानें तो जनसंघ में रहते हुए उनकी सभा घंटाघर में हुई तो भाजपा में रहते हुए भी एक बार उन्होंने घंटाघर में फिर से अपनी लाजवाब स्पीच से लोगों का दिल जीत लिया। जबलपुर और कटनी के जनसंघ और भाजपा के कई ऐसे नेता है जिन्हें अटलबिहारी बाजपेयी नाम से जानते थे।

कटनी जबलपुर के लोग जब भी कभी उनसे मिलने जाते तो वह इन लोगों के बारे में जरूर ही पूछते थे। कटनी में पूर्व जनसंघ अध्यक्ष पं. दयाराम तिवारी हों या फिर रामप्रकाश कोहली, पूर्व मंत्री विभाषचंद्र बैनर्जी हों अथवा पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष मेहरचंद शर्मा, अटल जी वर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष पीतांबर टोपनानी के पिता छंगामल टोपनानी को भी वह बेहद लगाव रखते थे। इसे संयोग ही कहें कि अटल जीे के साथ जनसंघ से भाजपा तक काम करने वाले इनमें से कोई भी शख्स आज हमें आशीर्वाद देने के लिए नहीं हैं किन्तु उनकी आशीष की छांव तथा भारतीय जनता पार्टी के लिए उनकी कर्मठता ही है जो आज जिले में यह सभी अटल व्यक्तित्व से पार्टी ने वह मुकाम हासिल किया जब भारतीय जनता पार्टी का कटनी अभेद गढ़ बन गया है।

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कार्यकर्ताओं को नहीं किया था निराश
अटल बिहारी बाजपेयी ने कभी भी अपने कार्यकर्ताओं को निराश नहीं किया। कटनी में वर्ष जनवरी 1996 में कटनी आये अटल जी का तत्कालीन नगर अध्यक्ष कैलाश जैन सोगानी ने अपने निवास पर स्वागत कार्यक्रम रखा। अटल जी का कार्यक्रम यहां पहुंचने का भी अचानक ही तय हुआ बरगवां स्थित ट्रांसपोर्ट आफिस में अटल जी पहुंचे और श्री जैन के परिजनों से मिले यहां वर्तमान सीमा जैन सोगानी सहित अन्य भाजपा जनों ने उनका जोरदार अभिनंदन किया। इस याद पर कैलाश जैन कहते हैं कि यह उनकी जीवन की पूंजी के समान है।


जैन बोर्डिंग में भोजन
अटल बिहारी बाजपेयी उस वक्त केन्द्र में 13 दिन की सरकार गिरने के बाद कपेंनिंग में निकले थे। वर्ष 1996 में तत्कालीन विधायक सुकीर्ति जैन के भाई के विवाह समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम अचानक तय हुआ। तब के लोग बताते हैं कि एक दिन पहले ही सूचना मिली थी कि अटल जी आ रहे हैं जिसके बाद आनन फानन तैयारी की गई। थाने के समीप जैल बोर्डिंग स्कूल में प्राचार्य कक्ष में अटल बिहारी बाजपेयी ने भोजन किया था। वर्तमान में स्कूल के प्राचार्य तथा इसे संचालित करने वाली कमेटी कहती है कि यह इस स्कूल का सौभाग्य था कि यहां अटल जी ने भोजन ग्रहण किया। इसके बाद अटल जी ने विवाह समारोह में उपस्थिति दर्ज कराई और वर वधु को आशीष दिया।

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अटल जी के साथ फोटो जो लोगों ने रखीं हैं संभाल कर
उस वक्त मोबाइल नहीं थे। फोटो के लिए केवल फोटोग्राफर पर ही आश्रित रहना पड़ता था स्वाभाविक है कि अटल जी के साथ कई ऐसे क्षण कैमरे में कैद नहीं हो पाये लेकिन जो भी फोटोग्राफ्स आज उपलब्ध हैं उन्हें लोगों ने बेहद गर्व के साथ संभाल कर रखा है। कटनी में जैन समाज के प्रतिष्ठित समाजसेवी मगल जैन बताते हैं कि कटनी में अटल जी के आगमन के दौरान उनके साथ का एक छाया चित्र उनकी दुकान में पिछले 20 वर्षों से लगा है। आज अटल जी नहीं हैं लेकिन जब जब यह फोटो देखों तो उनकी याद से मन में गर्व महसूस होता है। ऐसा ही एक फोटोग्राफ भाजपा नेता राजेन्द्र सोंधिया तथा प्रकाश सिंघानियां टिल्लू के प्रतिष्ठानों में भी लगा है श्री सोधिया तथा श्री सिंघानियां कहते हैं कि ताउम्र उन्हें इस बात का फक्र महसूस होता रहेगा। यह फोटो नहीं उनके जीवन की सुनहरी पूंजी हैं। इसी तरह एक फोटो भाजपा नेता आशीष गुप्ता भी अपने पास रखते हैं और कहते हैं कि देवतुल्य अटल जी की यह फोटो उनके जीवन की सबसे यादगार फोटो है।
सामुदायिक भवन की रखी थी आधारशिला
कटनी में अटल जी की सबसे प्रमुख यादों में शामिल है माधवनगर स्थित सामुदायिक भवन जो तत्कालीन विधायक सुकीर्ति जैन के द्वारा विधायक निधी से पांच लाख रूपये की राशि स्वीकृत कर बनवाया गया था इस भवन की आधार शिला पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने रखी थी। यहां पर उन्होंने संबोधन भी दिया था। साथ ही यहां भूमि को लेकर एक विवाद पर टिप्पणी भी की थी कि अच्छे कार्य में किसी भी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए। कुछ दिनों तक यह सामुदायिक भवन का उपयोग सामुदायिक कार्यों के लिए होता रहा बाद में यहां नगर निगम का उप कार्यालय बन गया अब न सिर्फ कटनी वरन पूर जिले की मांग है कि इस स्थान को अटल जी के स्मारक के रूप में विकसित किया जाए।

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जब कटनी जबलपुर के विधायक गये थे अटल जी से मिलने
वर्ष 1992 में भाजपा की सरकार गिरने के बाद कांग्रेस की वापसी हुई थी लेकिन जबलपुर संभाग में भाजपा की अच्छी स्थिति रही। तब कटनी रीठी क्षेत्र से भाजपा विजयी हुई थी तत्कालीन विधायक सुकीर्ति जैन ने एक किस्सा साझा करते हुए बताया कि जबलपुर लोकसभा टिकिट के प्रत्याशी हेतु आग्रह लेकर उस समय के विधायक ईश्वरदास रोहाणी, जय श्री बैनर्जी, अंचल सोनकर, प्रभात पांडे तथा अजय विश्वनोई व कुछ अन्य भाजपा जन दिल्ली में अटल जी से मुलाकात करने गये थे। अटल जी से भेंट हुई उन्होंने कहा कि बाबूराव परांजपे जी को टिकट दी जाएगी आप सभी लोग अपनी अपनी विधानसभा में जी जान से जुटें और बाबूराव को विजयी बनायें। चुनाव में बाबूराव परांजपे की शानदार जीत हुई तो सभी विधायकों के पास अटल जी का पत्र आया जिसमें उन्होंने सभी की प्रशंसा की थी।

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