राजनीति में सकारात्मक सोच के जननेता अटलजी का निधन अपूर्णीय क्षति-विवेक तन्खा

जबलपुर। जनप्रिय सर्वमान्य नेता, कर्मयोद्धा, कवि हृदय और भारत रत्न पंडित अटल बिहारी बाजपेयी आज हमारे बीच नहीं रहे। देश की राजनीति में सकारात्मक सोच के जननेता के रूप में हमेशा उनकी कमी खलती रहेगी। मूल्यों पर आधारित राजनीति करने वाले ऐसे महान शख्स के निधन पर गहन शोक व्यक्त करते हुए राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। श्री तन्खा ने अपने शोक संदेश में कहा कि अटलजी के दत्तक पुत्री नमिता कोल एवं दामाद रंजन भट्टाचार्य से उनका पारिवारिक नाता रहा है। मैने स्वयं भी अपने आप को सदैव बाजपेई परिवार का सदस्य समझा। उनका चमत्कारिक व्यक्तित्व सदैव प्रेरणादायी बना रहा। उन्होंने पूरे देश को सदैव अपना परिवार समझा। भारतीय राजनीति में उनके निधन से जो स्थान रिक्त हुआ है उसकी भरपाई सम्भव नही। उन्होंने अपनी विचारधारधारा समूचे विश्व का ध्यान अपनी ओर खींचा। शुचिता की राजनीति करने वाले नेहरूवादी युग के वो आखिरी नेता थे।

श्री तनखा ने कहा की कई मौकों पर मुझे उनका सानिध्य प्राप्त हुआ जो मेरे जीवन की पूंजी के समान है। हम सभी देशवासी इस अपूर्णीय क्षति से बेहद दुखी हैं। परम् पिता परमात्मा अटलजी को अपने चरणों मे स्थान दें। उनके विछोह से हर आंख नम है। उनके आदर्श सदैव राजनीति में पथ प्रदर्शक बनें यही प्रार्थना करता हूं।

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