यह है मावा का व्यापार

जिले में रजिस्टर्ड अनरजिस्टर्ड डेयरी मिलाकर 80 से ज्यादा स्थानों पर मावा बनाने का काम किया जा रहा है। एक डेयरी पर रोजाना 1 से डेढ़ क्विंटल मावा तैयार किया जाता है। औसतन एक डेयरी पर रोजाना 120 किलो मावा तैयार किया जा रहा है। डेयरी से यह मावा 120 रुपए प्रति किलो के भाव से बाजार में बेचा जा रहा है। यानी एक डेयरी से रोजाना 14 हजार 400 रुपए का मावा बेचा जा रहा है। इस तरह 80 डेयरी से रोजाना 11 लाख 52 हजार रुपए का मावा बनाया जा रहा है। इस तरह जिले से एक माह में 3 करोड़ 45 लाख 60 हजार रुपए का मावा जिले से बाहर जा रहा है।

7 माह में सिर्फ 36 सैंपल

जिले में जिस तरह से दूध डेयरी के जरिए नकली दूध और मावा का कारोबार फल-फूल रहा है, उस अनुपात में कार्रवाई नहीं हो पा रही हैं। यही वजह है कि जिले के ज्यादातर गांवों में चोरी-छिपे भट्टियां लगाकर मावा बनाने का काम किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक 1 जनवरी से 31 जुलाई तक कुल 126 सैंपल लिए हैं। इसमें 72 डेयरियों से सैंपलिंग की कार्रवाई हुई है। इनमें 8 सैंपल फेल हुए, जिन पर कार्रवाई लंबित है।

विभाग से भी जुड़े हैं तार

जिले में नकली दूध और मावा तैयार करने की डेयरी संचालकों के तार खाद्य सुरक्षा विभाग में भी जुड़े हैं। यह बात पिछले माह में उस समय सामने आई थी, जब मेहगांव एसडीएम उमा करारे डेयरियों पर कार्रवाई के लिए रवाना हुई और रास्ते में ही विभाग का बाबू देवेंद्र परमार डेयरी संचालकों को टीम आने की सूचना दे रहा था। मामला पकड़ में आने के बाद एसडीएम ने बाबू पर मेहगांव थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी और कलेक्टर डॉ इलैया राजा टी ने बाबू को सस्पेंड कर दिया है।

लैब तक करते हैं कोशिश

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान दूध और मावा बनाने वाले लोग भोपाल स्थित सैंपल जांच लैब तक जाने का माद्दा रखते हैं। यही वजह है कि ज्यादातर मामलों में जांच के बाद के बाद सैंपल पास होकर आ जाते हैं। ऐसे में कई लोग कार्रवाई के बाद सीधे भिंड आकर खाद्य औषधि विभाग में आ जाते हैं।

इन डेयरियों पर नजर

इस बार खाद्य औषधि विभाग ने नकली दूध और मावा का निर्माण रोकने के लिए कुछ डेयरियों को भी चिन्हित किया है। विभाग की इस बार पंडित डेयरी भिंड, रामनिवास डेयरी मेहगांव, मां कैलादेवी डेयरी भिंड, अनुराधा डेयरी भिंड, श्री मां लक्ष्मी डेयरी, गोहद, वनखंडेश्वर डेयरी भिंड, शर्मा डेयरी भिंड, अनोध डेयरी अटेर, एआर डेयरी मेहगांव, एमएस डेयरी, गोरमी, श्री हवलदार महाराज डेयरी दबोह, श्री पतारे सरकार डेयरी दबोह, मुकेश डेयरी अटेर, बौहरे डेयरी मेहगांव, राजपूत डेयरी सोनी, विवेक डेयरी फूफ, आजी मां डेयरी मेहगांव, लक्ष्मी डेयरी अटेर रोड, राधिका डेयरी भिंड, न्यू सुरेश डेयरी भिंड, वीरेंद्र डेयरी भिंड, शिव डेयरी सालिम पुर, गिर्राज डेयरी भिंड, राशि डेयरी भिंड, रामनिवास डेयरी मेहगांव, कुशवाह डेयरी भिंड, आजिया डेयरी भिंड, मलखान डेयरी मेहगांव, ऊदल डेयरी गोरमी सहित करीब 80 डेयरियों के नाम शामिल हैं।

इनका कहना है

खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ हमारी टीमें समय-समय पर कार्रवाई करती हैं। इस माह कार्रवाई में तेजी आई है। हमारी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी – सतीश धाकड़, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, भिंड