ये टिप्पणियां न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर, दीपक गुप्ता और केएम जोसेफ की पीठ ने बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले में सुनवाई के दौरान दिए। मालूम हो कि जस्टिस केएम जोसेफ ने मंगलवार सुबह ही सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में शपथ ग्रहण की है। कोर्ट ने इस मामले पर स्वयं संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की है।

राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि एक साल में 38,947 दुष्कर्म की घटनाएं हुईं। ये संख्या परेशान करने वाली है। बिहार सरकार को लगाई फटकार कोर्ट ने एनजीओ के बारे में जांच किए बगैर पैसे जारी करने पर बिहार सरकार को भी फटकार लगाई।

बिहार सरकार की ओर से पेश वकील रंजीत कुमार ने कहा कि 26 मई को घटना की सूचना मिली और 30 मई को एफआईआर दर्ज हुई। एक आरोपित को छोड़ सभी को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। एम्स, निम्हांस और टाटा इंस्टीट्यूट (टीआईएसएस) के काउंसलर काउंसलिंग कर रहे हैं। हालांकि टीआईएसएस के वकील ने इससे इन्कार किया।

केंद्र ने कहा, एडवाइजरी जारी की कोर्ट ने जब केंद्र से पूछा कि वह ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए क्या कर रही तो सरकार के वकील ने कहा कि केंद्र ने एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने रिपोर्ट मांगी है, अगर एनजीओ ठीक से काम नहीं कर रहे हैं तो सरकार उन्हें पैसे देना बंद कर देगी और उन्हें बंद भी कर देगी।

एनसीआरबी 2016 डाटा

महिलाओं के खिलाफ कुल अपराध

38,947 : दुष्कर्म के कुल मामले

2,167 : सामूहिक दुष्कर्म के मामले

04 : रोजाना हो रहे दुष्कर्म

मप्र में सर्वाधिक दुष्कर्म

मध्य प्रदेश 4,882

महाराष्ट्र 4,189

उत्तर प्रदेश 4,816

दिल्ली 2,155