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facebook ने बड़े बैंको से मांगी ग्राहकों की डिटेल

वॉशिंगटन। सोशल मीडिया साइट फेसबुक ने बड़े बैंकों से कस्टमर्स की डिटेल मांगी है। एक बैंक अधिकारी ने कहा कि कंपनी सोशल मैसेंजर टेक्सटिंग प्लेटफॉर्म पर नई सेवा शुरू करना चाहती है। इसके लिए फेसबुक ने चेस, जेपी मॉर्गन, सिटीबैंक और वेल्स फार्गो बैंक से कई महीनों पहले चर्चा की थी।

हालांकि, अभी इसकी शुरुआत फेसबुक अमेरिका में स्थित बैंकों से करना चाहता है। कंपनी ने यूएस बैनकॉर्प से भी संपर्क किया है। बताते चलें कि कई डेवलपर्स को यूजर्स का डाटा शेयर करने के बाद फेसबुक को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था।

मगर, अब इस सोशल मीडिया कंपनी ने बैंकों से बैंक ग्राहकों के कार्ड से होने वाले ट्रांजेक्शन, खातों में बैलेंस और ग्राहकों ने अपने बैंक खाते से कहां-कहां खरीदारी की है, इसकी जानकारी मांगी है। फेसबुक तर्क है कि सभी बैंक एसएमएस की जगह उसकी मैसेंजर सेवा का प्रयोग करें।

दरअसल, 1.3 अरब लोगों के पास एसएमएस के जरिए बैंकिंग सेवाओं की जानकारी पहुंचती है। फेसबुक के एक प्रवक्ता ने इस बात से इंकार किया कि कंपनी ने किसी भी वित्तीय संस्था से ट्रांजेक्शन डाटा की मांग की है।

जेपीमॉर्गन चेस की प्रवक्ता पैट्रीसिया वेक्सलर ने कहा कि हम अपने ग्राहकों के ऑफ प्लेटफॉर्म ट्रांजेक्शन डाटा को इन प्लेटफॉर्म के साथ शेयर नहीं करते हैं। लिहाजा, हमने मना कर दिया है। बताया जा रहा है कि फेसबुक मैसेंजर सर्विस से पैसे कमाना चाहता है। इसके लिए वह बिजनेस और कस्टमर्स के लिए मैसेंजिंग ऐप को खरीदारी, डिलीवरी कंफर्मेशन आदि के लिए पसंदीदा विकल्प बनाना चाहता है।

हालांकि, फेसबुक में डाटा चोरी विवाद के बाद से बैंक इस तरह की सेवाएं लेने से हिचकिचा रहे हैं। बताते चलें कि कैंब्रिज एनालिटिका ने अमेरिकी राष्ट्रपति के 2016 में हुए चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में 8.7 करोड़ लोगों का डाटा चोरी करने का आरोप भी लगा था।