कालाधन विवाद: राहुल गांधी पर बरसे वित्त मंत्री, बोले- बिना सच जाने बोलने की है आदत

नई दिल्ली। काले धन को लेकर विपक्षी दलों के निशाने पर रही केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के पैसों के बारे में संसद में जानकारी दी। राज्यसभा में वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि, “2014 में जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, तब से स्विस नेशनल बैंक में भारतीयों का जो पैसा जमा होता था, उसमें अस्सी फीसद की गिरावट आई है। उन्होंने पिछले तीन साल का हवाला देते हुए ये बात कही।”

वित्त मंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि, “वो मामले की गंभीरता जाने बगैर आधारहीन आरोप लगा रहे हैं कि भारतीयों का स्विस बैंक में पचास फीसद ज्यादा पैसा जमा हुआ है, उनकी आदत हो गई है, बिना सच्चाई जाने बोलने की। हम देख चुके हैं उन्हें कैसे फ्रांस सरकार ने बेनकाब किया है।”

वित्त मंत्री गोयल ने बताया कि, स्विस नेशनल बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस बार भारतीयों का स्विस बैंक में 34.5 फीसद पैसा कम जमा हुआ है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने राज्यसभा में बताया कि, “बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट ने जो आंकड़े जारी किए हैं, उसके मुताबिक 2016 के मुकाबले 2017 में स्विटजरलैंड में 34 फीसद कम पैसा भारतीयों का जमा हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा कि, पहले पचास फीसद ज्यादा पैसा जमा होने के जो आंकड़े आए थे वो गलत हैं।”

इस बीच उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सोमवार को कहा कि रिजर्व बैंक और आयकर विभाग को जल्द यह तय करना चाहिए कि नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा कराया गया धन काला था या सफेद। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर ही इसकी विश्वसनीयता कायम रह सकेगी।

नायडू ने कहा कि नोटबंदी को लेकर एक तरह की निराशा है। लोग जानना चाहते हैं कि जब सारा पैसा बैंकों में पहुंच गया है, तो फायदा क्या हुआ। न्यू इंडिया एश्योरेंस के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए नायडू ने कहा था कि नोटबंदी का मकसद क्या था? जाली नोटों के अलावा इसका उद्देश्य पैसे को प्रणाली में लाना था।

पिछले साल रिजर्व बैंक ने खुलासा किया था कि 8 नवंबर , 2016 से 30 जून , 2017 तक बंद किए गए 15.44 लाख करोड़ रुपए के नोटों में से 99 प्रतिशत यानी 15.28 लाख करोड़ रुपए बैंकिंग प्रणाली में वापस आ ग