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विन्ध्य और महाकोशल की इन 26 सीटों पर 15 सालों से जीत के लिए तरसी कांग्रेस, अब नया फार्मूला

वेब डेस्क। कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति ने यह निर्णय लिया है कि कांग्रेस की कमजोर सीट को चिन्हित करके सबसे पहले वहां काम किया जाए। इसके लिए यह जरूरी है कि इन सीट पर प्रत्याशी की घोषणा कर दी जाए। इसमें उन सीट पर भी विचार किया जा रहा है जिनमें किसी तरह का विवाद नहीं है। खासतौर से कांग्रेस के वे विधायक जोकि अपने क्षेत्र में काम कर रहे हैं और पिछले चुनाव में जीते थे उनके नाम पर भी विचार किया जा रहा है।

महाकौशल और विंध्य की कुल 68 सीट में से तकरीबन 26 सीट ऐसी हैं जिन पर कांग्रेस पिछले 15 साल या उससे अधिक समय से चुनाव हार रही है। इन सीट पर कांग्रेस सबसे पहले प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी कर रही है। दरअसल कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए सबसे पहले उन सीट पर फोकस कर रही है जहां से वह पिछले तीन चुनावों में लगातार हार का सामना कर रही है।

इसमें जबलपुर की आठ विधानसभा क्षेत्र में से पांच विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां कांग्रेस लगातार हार का सामना कर रही है। इसके अलावा महाकोशल क्षेत्र के सिवनी, बालाघाट, कटनी व विंध्य क्षेत्र के रीवा, उमरिया,सतना, सीधी की भी यही स्थिति है। यहां भी कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। सितम्बर माह के बाद धीरे-धीरे इसकी घोषणा भी हो सकती है।

अब क्या होगा फार्मूला 

इसके अलावा अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए आरक्षित सीट जिन पर भाजपा का कब्जा है उन सीट पर भी कांग्रेस जल्द ही उम्मीदवार की घोषणा कर सकती है। इससे प्रत्याशियों को उनके विधानसभा क्षेत्र में काम करने का मौका मिल सकेगा। हालांकि चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना है कि सभी 230 सीटों पर वे चुनाव के डेढ़ माह पहले प्रत्याशी घोषित कर देंगे।

फिलहाल भाजपा मजबूत

महाकोशल, विंध्य में लगातार हार का सामना कर रही सीटों पर कारणों की खोज कांग्रेस कर रही है। जबलपुर में उत्तर मध्य विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के शरद जैन लगातार जीत रहे हैं। यहां पिछले तीन विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार बदले गए लेकिन वे जीत नहीं सके। कैंट क्षेत्र में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व.ईश्वरदास रोहाणी ही जीतते रहे। उनके निधन के बाद उनके पुत्र अशोक रोहाणी पिछले चुनाव में जीते। सिहोरा आरक्षित क्षेत्र है। इस सीट पर भाजपा का कब्जा रहा है। इसी तरह से बरगी विधानसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस तीन चुनावों से जीत नहीं सकी है।

जल्द ही घोषणा -विवेक तन्खा

यह सही बात है बैठकों में इस पर मंथन चल रहा है। सितम्बर के बाद हम इस स्थिति में हो सकते हैं कि धीरे-धीरे इस तरह की सीट पर प्रत्याशी घोषित कर सकें। युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी । ऐसे प्रत्याशी जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है और वे जीत सकते हैं तो उन्हें भी टिकट दी जाएगी।

विवेक तन्खा, राज्यसभा सदस्य, व संभाग प्रभारी, चुनाव प्रचार अभियान समिति

इन जिलों में लगातार हारी कांग्रेस

महाकोशल

  1. जबलपुर विधानसभा क्षेत्र

शहर – उत्तर मध्य, कैंट

ग्रामीण – सिहोरा, बरगी, पनागर

2. कटनी जिला- कटनी, बड़वारा

3.सिवनी जिला- सिवनी,बरघाट

4.बालाघाट जिला- बालाघाट

विंध्य 

1. रीवा जिला– देवतालाब, मनगवां, रीवा, त्योंथर, सिरमौर

2. सतना जिला- अमरपाटन, नागौद, रैगांव, रामपुर, बाघेलान, सतना

3. सीधी जिला – धौहनी,सिहावल

4. शहडोल जिला – जैतपुर

5. उमरिया जिला- मानपुर,बांधवगढ़