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ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मोदी केयर” तहत ‘आरोग्यम’ में एलोपैथिक दवाओं से भी होगा मरीजों का इलाज

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मोदी केयर” के तहत प्रदेश में 85 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर 15 अगस्त से पहले शुरू करने की तैयारी है।

भोपाल में अशोका गार्डन, बागसेवनिया और मिसरोद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को 15 अगस्त के पहले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाया जाएगा। मप्र में इनका नाम होगा’आरोग्यम”। इन केंद्रों का रंग भी अलग होगा। यहां एलोपैथी के साथ ही आयुर्वेद व योगा से भी मरीजों का इलाज किया जाएगा।

मोदी केयर यानी आयुष्मान भारत योजना के दो हिस्से हैं। पहला 2011 की सामजिक आर्थिक जनगणना में शामिल परिवारों का पांच लाख तक का स्वास्थ्य बीमा। दूसरा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर। मप्र में मार्च 2020 तक 134 शहरी पीएचसी और 1185 ग्रामीण पीएचसी को अरोग्यम केंद्र बनाया जाना है। इस साल 694 ग्रामीण 80 शहरी पीएचसी को आरोग्यम बनाया जाएगा। पहचान के लिए इन केंद्रों का रंग अलग किया जाएगा।

आरोग्यम में एलोपैथी के साथ ही आयुर्वेद डॉक्टर भी पदस्थ किए जाएंगे। जरूरत पर मरीज का आयुर्वेद से भी इलाज किया जाएगा। मरीज, परिजन व गांव के लोगों को स्वस्थ रखने के लिए योगा सिखाया जाएगा। पंचकर्म की सुविधा भी रहेगी। ट्रेनर्स के जरिए गांव में ही कुछ वालेंटियर तैयार किए जाएंगे जो योगा सिखाएंगे।

पहले इन पीएचसी को बनाया जाएगा आरोग्यम

आरोग्यम केंद्र बनाने के लिए सबसे पहले उन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को लिया जा रहा है जिनमें डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट व स्टाफ नर्स हैं। आयुर्वेद डॉक्टर भी इन केन्द्रों में पदस्थ किया जाएगा। डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों को गैर संचारी रोगों के इलाज की ट्रेनिंग दी जाएगी।

इसलिए बनाए जा रहे आरोग्यम

1990 में देशभर में होने वाली मौतों में महज 32 फीसदी की वजह गैर संक्रमाक रोग जैसे दिल की बीमारी, डायबिटीज, ब्रेन स्ट्रोक, कैंसर आदि होती थी। अब 68 फीसदी लोगों के मौत का कारण यह बीमारियां हैं। समय रहते यह बीमारियां पता चल जाएं तो उन्हें रोका जा सकता है। लिहाजा, इन केन्द्रों में इलाज से ज्यादा जोर बीमारियों के बचाव पर होगा।

बीमारियों से बचाव के लिए यह किया जाएगा केन्द्रों में

  • मरीज के साथ आने वाले 30 साल से ऊपर के सभी परिजनों का भी ब्लड प्रेशर, डायबिटीज व कैंसर की स्क्रीनिंग की जाएगी।

  • आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर कैंसर, डायबिटीज व हाई बीपी के मरीजों को चिन्हित करेंगी।

-ऐसे मरीजों को भी चिन्हित किया जाएगा जो इन बीमारियों के ज्यादा जोखिम में हैं। जैसे किसी के माता-पिता को डायबिटीज या हार्ट अटैक की हिस्ट्री हो।

  • गैर संचारी रोगों को लेकर आम जन को जागरूक किया जाएगा।

  • लोगों को खुश रखने के लिए योगा सिखाया जाएगा, जिससे ब्लड प्रेशर व डायबिटीज नियंत्रण में रहेगा।

आरोग्यम में यह होंगी सुविधाएं

-स्काइप के जरिए टेलीमेडिसिन की सुविधा रहेगी। आरोग्यम के डॉक्टर जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से सलाह ले सकेंगे।

  • मरीज का पंजीयन राष्ट्रीय स्तर पर बनाए जा रहे साफ्टवेयर में किया जाएगा। मरीज की यूनिक आईडी रहेगी। वह देश के किसी भी आरोग्यम केन्द्र में जाकर अपनी आईडी बताएगा तो पूरी जानकारी निकल आएगी।

  • डायबिटीज, बीपी समेत समेत करीब 30 बीमारियों की जांच होगी।

  • दवाएं भी नि:शुल्क मिलेंगी।

-काउंसलिंग, डाइट की सलाह दी जाएगी।

-जो जांचें अस्पताल में नहीं होंगी उन्हें बाहर से कराया जाएगा।

टेलीमेडिसिन की सुविधा भी रहेगी

हेल्थ एंड वेलनेंस सेंटर्स में टेलीमेडिसिन की सुविधा भी रहेगी। इन केन्द्रों का मकसद गैर संचारी रोग जैसे हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर कैंसर, डायबिटीज की जल्द से जल्द पहचान व इलाज करना है।

एस विश्वनाथन मिशन डायरेक्टर, एनएचएम