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CM चौहान ‘दिल से” कार्यक्रम में कर सकते है एक लाख युवाओं को रोजगार देने की घोषणा

 भोपाल। प्रदेश में बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी देने के मामले में राज्य सरकार के प्रयास प्रभावी नहीं रहे। सरकार एक दिन में दो लाख युवाओं को रोजगार देने की तैयारी कर रही है। अगस्त में आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री चौहान के ‘दिल से” कार्यक्रम में यह घोषणा की जा सकती है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2013 में विधानसभा चुनाव से पहले संविदा शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई। जबकि दूसरा विस चुनाव सामने आ गया है।

इतना ही नहीं, बैकलॉग के रिक्त पद, लिपिक और डॉक्टरों के पद भी खाली हैं। इनमें से कम वेतन और सुविधाओं के चलते सरकार को डॉक्टर मिल ही नहीं रहे हैं। कुल मिलाकर सरकारी महकमों में एक लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती होना है।

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पदों को भरने की मुहिम तब से शुरू हुई है, जब सिर्फ 25 हजार पद खाली थे। वर्तमान में ये बढ़कर 72 हजार से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अब भी भर्ती के आसार नहीं हैं, क्योंकि अब तक भर्ती नियम ही तैयार नहीं हुए हैं। ऐसा करके सरकार नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) का भी उल्लंघन कर रही है। इस कानून के तहत किसी भी कक्षा में विद्यार्थी और शिक्षकों का अनुपात 30:1 होना चाहिए। यह कानून 26 मार्च 2010 को प्रदेश में लागू हुआ है।

भर्ती में देरी के कारण

सरकार पहले संविदा शिक्षकों की भर्ती करना चाह रही थी। दो माह पहले अध्यापकों का स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में संविलियन करने का फैसला हो गया। अब सरकार नियमित शिक्षकों के पद पर भर्ती की बात कर रही है। चूंकि अभी संविलियन के नियम ही तय नहीं हुए हैं। इसलिए चुनाव से पहले भर्ती की उम्मीद कम है, क्योंकि प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) से परीक्षा कराने, परिणाम आने और फिर विभागीय स्तर पर भर्ती प्रक्रिया में चार महीने से ज्यादा समय लग सकता है।

डॉक्टर, लिपिकों के पद भी खाली

प्रदेश में डॉक्टरों के करीब 4200 पद खाली हैं। सरकार पिछले तीन साल से इन पदों को भरने के लिए विज्ञापन निकाल रही है, लेकिन वेतन और सुविधा की शर्तों पर डॉक्टर आने को तैयार नहीं हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि सुविधाओं में बढ़ोतरी कर सरकार ये पद भर सकती है। इसके अलावा मंत्रालयीन सेवा के 250 कर्मचारी, विभिन्न् विभागों में 25 हजार लिपिक, 3500 वनरक्षक व अन्य और करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों के पद भी खाली हैं।

15 हजार पद भी नहीं भर पाई सरकार

सूत्रों के मुताबिक सरकार पांच साल में नियमित कर्मचारियों के 15 हजार पद भी नहीं भर पाई है। इस अवधि में 2500 डॉक्टर, 1200 वनरक्षक, 100 रेंजर और 2400 लिपिक, 700 आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक और पुलिस आरक्षक के पद भरे गए हैं। वर्तमान में 9500 पटवारियों की चयन परीक्षा लेकर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

संविदा पर फोकस

तीसरे कार्यकाल में सरकार का संविदा भर्ती पर फोकस रहा है। मनरेगा के तहत 23 हजार ग्राम पंचायतों में रोजगार सहायकों की भर्ती की है। जबकि केंद्रीय प्रवर्तित योजना से स्वास्थ्य विभाग में नर्सों की भर्ती की है। हालात यह हैं कि प्रदेश सरकार के कई विभाग संविदा कर्मचारियों के भरोसे चल रहे हैं। वहीं बैकलॉग के पद भी खाली हैं। आरक्षित वर्ग का कर्मचारी संगठन अजाक्स इसे लेकर कई बार ज्ञापन सौंप चुका है।

11,900 पद पर होंगी भर्ती

बेरोजगारों का गुस्सा शांत करने चुनावी साल में सरकार ने राजस्व विभाग में 9500 पटवारी, 400 नायब तहसीलदार व 100 अन्य, उच्च शिक्षा में 3500 एसोसिएट प्रोफेसर, 650 राजपत्रित अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग में 1300 डॉक्टर, 700 पैरामेडिकल स्टाफ, 1053 स्टाफ नर्स और शहरी क्षेत्रों में 500 एएनएम, पुलिस में 8 हजार आरक्षक और 8 हजार होमगार्ड जवान, महिला एवं बाल विकास विभाग में 3300 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, 700 वर्यवेक्षक की भर्ती शुरू करने की घोषणा की है।

एक दिन में दो लाख युवाओं को रोजगार देने की तैयारी

सरकार एक दिन में दो लाख युवाओं को रोजगार देने की तैयारी कर रही है। अगस्त में आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री चौहान के ‘दिल से” कार्यक्रम में यह घोषणा की जा सकती है। एक लाख युवाओं को सरकार स्व-रोजगार देने की कोशिश में है तो ग्लोबल स्किल पार्क के माध्यम से ट्रेनिंग शुरू करने की तैयारी है। इसमें एक लाख युवाओं को तकनीकी रूप से सझम बनाकर निजी कंपनियों में रोजगार दिलाया जाएगा।