समलैंगिक सेक्स हो अपराध के दायरे से बाहर? सरकार बोली- SC ही करे फैसला

Advertisements

नेशनल डेस्‍क । समलैंगिकता (होमोसेक्शुएलिटी) को अपराध के तहत लाने वाली संविधान के सेक्शन-377 की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को फिर से बहस हो रही है. इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से राय मांगी थी. जिसके बाद आज केंद्र ने हलफनामा दायर किया. केंद्र ने शीर्ष अदालत से कहा कि वह अपने विवेक से इस मामले पर फैसला ले.

बता दें कि सेक्शन-377 पर याचिकाकर्ताओं की ओर से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी जिरह कर रहे हैं. जबकि, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता केंद्र का पक्ष रख रहे हैं. तुषार मेहता ने केंद्र सरकार की ओर से इस मामले में हलफनामा पेश किया. केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट बच्चों के खिलाफ हिंसा और शोषण को रोकना सुनिश्चित करे.

इसे भी पढ़ें-  India at Tokyo Olympics Live Updates: महिला हॉकी टीम ने द. अफ्रीका को 4-3 से हराया, जानिए क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का गणित

दूसरी तरफ, मुंबई में लगातार हो रही बारिश से नालासोपारा और वसई रोड स्टेशनों के बीच अब भी कई ट्रेनें फंसी हुई हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक नालासोपारा स्टेशन में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए नौसेना को तैनात किया गया है. डिफेंस प्रवक्ता ने बताया कि पश्चिम रेलवे के अनुरोध के बाद पश्चिमी नौसेना कमान ने अत्याधुनिक वाहनों को काम पर लगाया है जो बाढ़ग्रस्त इलाके को पार कर फंसे हुए यात्रियों तक पहुंच सकते हैं.

बता दें कि मुंबई में पिछले 48 घंटे से तेज बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में पानी भर गया है और इससे सड़क तथा रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटे में मुंबई और उपनगरीय क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश हो सकती है. चूंकि मंगलवार को हुई भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में अब भी काफी पानी जमा है, ऐसे में हालात बिगड़ सकते हैं.

Advertisements