सेकंड और फर्स्ट एसी के ज्वाइंट कोच को हटाकर उसकी जगह फुल सेकंड एसी कोच लगाया जाएगा। इस निर्णय से न सिर्फ यात्री परेशान हैं बल्कि पश्चिम मध्य रेलवे की भी चिंता बढ़ गई है।

जबलपुर मंडल के कमर्शियल विभाग ने बिलासपुर जोन को पत्र लिखकर ऐसा निर्णय नहीं लेने कहा है। इसका कारण है कि भोपाल से दुर्ग तक चलने वाली यह ट्रेन जबलपुर से रायपुर के यात्रियों को जोड़ने वाली एकमात्र ट्रेन है। इस ट्रेन में 12 महीने वेटिंग रहती है। थर्ड एसी का कोच कम होने से जबलपुर के यात्रियों को परेशानी होगी।

24 नहीं, 23 कोच से चलेगी अमरकंटक

दुर्ग से भोपाल के बीच चलने वाली अमरकंटक एक्सप्रेस में अभी 24 कोच लगते हैं। थर्ड एसी का एक कोच हटने से अब केवल 23 कोच के साथ यह ट्रेन चलेगी।

इसलिए लिया निर्णय

रेलवे बोर्ड ने सभी जोन से कहा है कि वह 24 या 26 कोच की बजाए 22 कोच की ट्रेन ही चलाएं। यह कोच एक से हों, ताकि इन कोच का उपयोग दूसरी ट्रेनों में किया जा सके। इसलिए बिलासपुर जोन अपनी सभी ट्रेनों में कोच की संख्या 22 से 23 करने जा रहा है। इसकी शुरुआत 20 अगस्त से होगी। इसमें दुर्ग से भोपाल के बीच चलने वाली अमकंटक एक्सप्रेस भी शामिल है।

थर्ड एसी के 64 कोच कम, सेकंड एसी के 28 कोच बढ़ेंगे

अमरकंटक एक्सप्रेस में 24 कोच में अभी थर्ड एसी के 3, सेकंड के एक और फर्स्ट व सेकंड एसी का एक कोच लगता है। इसके अलावा 14 स्लीपर कोच। 3 से 4 जनरल कोच, दो एसएलआर कोच लगते हैं। इनमें से थर्ड ऐसी का एक कोच हटेगा और सेकंड-फर्स्ट ज्वाइंट एसी कोच की जगह सेकंड एसी लगेगा। इससे ट्रेन में थर्ड एसी की 64 सीट कम होंगी। फर्स्ट एसी सीट हटने से 10 सीट कम होगी और सेकंड एसी की 20 सीट बढ़कर 48 हो जाएगी।

इनका कहना है

20 अगस्त से जोन की सभी ट्रेनों को 22 कोच का किया जा रहा है, ताकि ट्रेन के कोचों को सभी ट्रेनों में उपयोग किया जा सके। इसमें भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस 12853-53 से थर्ड एसी का एक कोच अलग होगा।