मध्यान्‍ह भोजन खाने के बाद आधा दर्जन बच्चों की तबियत बिगड़ी

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मुरैना। नगर निगम क्षेत्र के पटेल का पुरा प्रायमरी स्कूल निबी में मध्यान्‍ह भोजन करने के बाद स्कूल के बच्चों की तबियत बिगड़ गई। बच्चे उल्टियां करते हुए अपने घर पहुंचे।

कुछ बच्चे घर पहुंचकर बेहोश हो गए। जिन्हें उनके परिजन जिला अस्पताल लाए। अस्पताल में शाम तक 7 बच्चों को भर्ती किया गया है। डॉक्टरों ने अब बच्चों को खतरे से बाहर बताया है। इधर कलेक्टर भरत यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों की कमेटी बनाई है, जो इस मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी।

निबी में रहने वाले वीरेंद्र ने बताया कि दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कल में भोजन करने के बाद उनका 6 साल का बेटा अमित और 8 साल का बेटा आशीष उल्टियां करते हुए घर आए और घर आते ही बेहोश होकर गिर पड़े। इसी बीच गांव के दूसरे घरों से भी बच्चों के बीमार होेने की खबरें आईं।

सभी वे बच्चे थे जो स्कूल में मिड-डे मील खाकर आए थे। बच्चों की तबियत खराब होती देख परिवार के लोग उन्हें जिला अस्पताल लाए। खाना खाकर बीमार हुए एक अन्य बच्चे संदीप पुत्र राजेश के चाचा दीपेंद्र ने बताया कि इस घटना के बाद सभी लोग सीधे स्कूल पहुंचे और वह भोजन देखा जो बच्चों को बांटा गया था। भोजन बासी था और उसमें से बदबू आ रही थी। इनके अलावा जो बच्चे अस्पताल लाए गए हैं उनमें सोनू पुत्री रामू कुशवाह, विकास पुत्र बंअी, रजनी पुत्री मुकेश, प्रतीक पुत्र राम अख्तियार शामिल हैं।

 सिर्फ निबी में ही बीमार हुए बच्चे

स्कूल टीचर सियाराम ने अस्पताल में मीडिया कर्मियों को बताया कि भोजन सेंट्रल किचिन मुरैना से बनकर गाड़ी से आता है। लेकिन उन्हें आश्चर्य है कि यह भोजन सभी जगह बंटता है तो सिर्फ निबी में बच्चे बीमार क्यों हुए। इसमें ग्रामीणों का तर्क है कि हो सकता है दूसरे स्कूलों में ये बदबूदार भोजन बच्चों को परोसा ही न गया हो।

सीईओ ने नहीं दिया जबाव, कलेक्टर पहुंचे अस्पताल 

सेंट्रल किचन की मॉनीटरिंग जिला पंचायत द्वारा की जाती है। ऐसे में जिला पंचायत सीईओ सोनिया मीणा से जिला पंचायत का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल पर फोन किया गया और घटना के बारे में एसएमएस भी किया गया। लेकिन न तो उन्होंने कॉल रिसीव किया न हीं कोई उत्तर ही दिया। इसके विपरीत कलेक्टर भरत यादव व एसडीएम उमेश शुक्ला बच्चों का हाल जानने स्कूल पहुंचे।

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