थाइलैंड में बच्चों का रेस्क्यू, Good News, 6 बच्चों को लेकर निकले गोताखोर

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थाईलैंड। उत्तरी थाइलैंड की थाम लुआंग गुफा में दो सप्ताह से अधिक समय से फंसे छह बच्चों को बाहर निकाल लिया गया है।
ढ़ग्रस्त गुफा में फंसे बच्चों को निकालने के लिए 50 विदेशी गोताखोरों और थाइलैंड की नेवी सील के 40 जवानों ने रविवार सुबह साहसिक अभियान शुरू किया। शाम तक छह बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

बचे हुए छह बच्चों और उनके सहायक फुटबॉल कोच को सोमवार तक गुफा से निकाल लिए जाने की उम्मीद है।

बचाए गए बच्चों को हेलीकॉप्टर से नजदीकी शहर चियांग राई ले जाया गया और स्वास्थ्य जांच के लिए एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बचाव दल के एक सदस्य ने बताया कि बच्चे 11 से 16 साल की उम्र के हैं और तैराकी में निपुण नहीं हैं। इसलिए उन्हें बाहर निकालने के लिए बहुत सावधानी बरती जा रही है।

बचाव दल में शामिल एक ऑस्ट्रेलियाई डॉक्टर ने शनिवार रात बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया था और ऑपरेशन चलाने की मंजूरी दी थी। अंधेरा होने की वजह से बचाव अभियान रातभर के लिए रोक दिया गया है।

चियांग राई प्रांत के गवर्नर ने शाम को गुफा से बाहर निकाले गए बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने मीडिया को बताया कि सभी बच्चे स्वस्थ हैं।

बचाव में आठ देशों के विशेषज्ञ

गोताखोरों को गुफा का एक चक्कर पूरा करने में करीब 11 घंटे का समय लग रहा है। बचाव अभियान में आठ देशों के विशेषज्ञ लगे हुए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, यूरोप और एशिया के गोताखोर शामिल हैं। इस घटना ने समूचे थाइलैंड और दुनियाभर का ध्यान अपनी तरफ खींचा है।

बाढ़ का पानी पीकर जिंदा रहे

नौ दिनों तक बच्चों ने खाना नहीं खाया, सिर्फ बाढ़ के पानी के सहारे ही जिंदा थे। बच्चों को ये तक नहीं पता था कि वे कितने दिन से फंसे हुए हैं। पहाड़ों के नीचे गुफा है। कुछ रास्ते ऊपर जाते हैं और कुछ नीचे।

हर रास्ते को जोड़ने वाले में पानी भर हुआ है। बारिश में हमेशा इन गुफाओं में पानी भर जाता है और सितंबर के महीने तक ही उतरता है।

पहाड़ से रिसकर भर जा रहा पानी

पानी निकालने के लिए पंप लगा हुआ है। गुफा का जलस्तर 16 सेंटीमीटर तक घट चुका है। लेकिन पहाड़ से रिसकर पानी दोबारा भर जा रहा है। डर है कि अगर फिर तेज बारिश हुई तो जहां बच्चों ने शरण ली है, वह जगह धंस सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन भारी बारिश की चेतावनी दी है।

मीडिया से इलाका खाली कराया

बच्चों को निकालने के लिए ऑपरेशन शुरू करने से पहले मीडिया को उस इलाके से जाने के लिए कह दिया गया था। अधिकारियों से रविवार सुबह मीडिया से कहा था कि वे गुफा के पास स्थित शिविर के पास की जगह को खाली कर दें, जिससे पीड़ितों की मदद की जा सके। पुलिस ने लाउडस्पीकर से घोषणा की कि जो लोग अभियान से जुड़े नहीं हैं, तत्काल इस इलाके से बाहर चले जाएं।

गुफा में कैसे पहुंचे बच्चे

–23 जून को वाइल्ड बोर्स नाम की टीम ने फुटबॉल मैच खेला। मैच के बाद बच्चे साइकिल रेस लगाते हुए गुफा तक जा पहुंचे।

–बच्चे अलग-अलग रास्ते से अंदर जा रहे थे। उनके साथ सहायक कोच भी था। देखते-देखते इतनी बारिश हुई कि गुफा में बाढ़ आ गई।

–बाहर निकलने का एक ही रास्ता था और वह पूरी तरह बंद हो चुका था। रात तक जब बच्चे घर नहीं लौटे तो घरवाले परेशान हो गए।

–खबर मिलने पर प्रशासन बच्चों की खोज में लग गया। थाईलैंड की नेवी सील को भी इस ऑपरेशन में लगा दिया गया।

बच्चों को पहला लिखित संदेश

इससे पहले शनिवार को गुफा में फंसे अपने बच्चों के लिखित संदेश को पढ़कर उनके माता-पिता भावुक हो गए। पिछले दो सप्ताह से गुफा में फंसे इन बच्चों का यह पहला लिखित संदेश था।

माता-पिता को लिखे अपने भावुक पत्र में एक बच्चे ने लिखा कि गुफा में हवा थोड़ी ठंडी है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है।

मेरे जन्मदिन की पार्टी देना मत भूलना। हम सब ठीक हैं। बता दें कि जिस दिन ये बच्चे गुफा में लापता हुए थे, उसी दिन उनमें से एक बच्चे का जन्मदिन था। वे उसका जन्मदिन मनाने के लिए गुफा में गए थे, लेकिन अचानक भारी बारिश होने से वे गुफा में फंस गए।

शनिवार सुबह थाईलैंड नेवी के गोताखोरों का एक दल गुफा से ये लिखित संदेश लेकर लौटा था। जहां तुन नाम के एक अन्य बच्चे ने लिखा, ‘मम्मी और पापा चिंता मत करो। मैं ठीक हूं।

मेरे लिए फ्राइड चिकन तैयार रखना।’ बच्चों ने यह भी लिखा कि यहां पर खाने-पीने की बहुत सी चीजें हैं, जबकि कुछ ने लिखा, ‘टीचर बहुत होमवर्क मत देना।’ बच्चों द्वारा नोटबुक पर लिखे गए सभी पत्रों में लगभग इसी तरह की बातें हैं।

गुफा में बिछाई गई ऑक्सीजन लाइन

इस बीच बचाव दल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि गुफा में ऑक्सीजन की लाइन बिछा दी गई है। बच्चों को सांस लेने में कोई दिक्कत न हो, इस बात का खास ख्याल रखा जा रहा है।

ये बच्चे और उनके कोच 23 जून की शाम फुटबॉल का अभ्यास करने के बाद इस गुफा को देखने गए थे। मगर, बाढ़ के पानी के अचानक भर जाने की वजह से सभी गुफा में फंस गए। नौ दिन बाद बचावकर्ताओं के एक दल ने इन्हें खोज निकाला था।

थाईलैंड की बाढ़ प्रभावित गुफा में पिछले दो सप्ताह से फंसे बच्चों तक पहुंचने के लिए दूसरे रास्ते भी तलाशे जा रहे हैं। इस प्रयास में पहाड़ में 100 से ज्यादा सुराख कर चिमनी बनाई जा रही हैं।

जलमग्न गुफा से गोताखोरी के जरिये बच्चों को निकालने में कोई खतरा होने पर उन्हें नए रास्ते से निकाला जा सकता है।

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