स्कूलों के टाइम टेबल से स्वच्छता अभियान बेदखल

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 भोपाल। एक ओर केंद्र सरकार स्वच्छता अभियान के लिए चौतरफा कोशिश कर रही है,वहीं दूसरी ओर प्रदेश के सरकारी प्रायमरी और माध्यमिक स्कूलों में हाथ धोने के लिए अलग से दिया जाने वाला 10 मिनट का का समय इस सत्र से हटा दिया है।

पहले मध्यान्ह भोजन 40 मिनट का होता था, जिसमें 30 मिनट लंच और 10 मिनट हैंडवॉश के लिए होता था। नई व्यवस्था में लंच का कुल समय घटाकर 25 मिनट कर दिया है। जाहिर है बच्चों में हाथ धोने की आदत छूट सकती है। ऐसे में स्वच्छता पाठ अधूरा रह जाएगा।

स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से दो साल पहले निर्देश जारी कर 10 मिनट का समय हैंडवॉश के लिए अलग से रखा गया था । स्कूल की समय सारिणी में रेडियो शैक्षिक संवाद के लिए दिया जाने वाला 30 मिनट का समय भी हटा दिया गया है। अब 40 मिनट का बचा हुआ समय दक्षता उन्नयन कक्षा में लगाया जाएगा।

लंच करने का समय 5 मिनट हुआ कम

सरकारी स्कूलों में मिलने वाले मध्यान्ह भोजन को बच्चों को देने और करने के लिए 25 मिनट का समय तय किया गया है, जबकि पहले यह समय 30 मिनट का होता था। हालांकि स्कूल प्राचार्यों का मानना है कि 25 मिनट में करीब 200 बच्चों को खाना परोसना और खिलाना संभव नहीं है।

दक्षता उन्नयन कक्षा के लिए बचाए 40 मिनट

इन दिनों स्कूलों में बेसलाइन टेस्ट आयोजित किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य छठवीं व आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों का आंकलन करना था, जिसमें फेल हुए छात्रों के लिए अलग से 40 मिनट की दक्षता उन्नयन क्लास लगाई जाएगी। जिसमें उनके बेस को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए 10 मिनट हैंडवॉश का और 30 मिनट रेडियो प्रसारण के समय को बचाया गया।

मीना की दुनिया सारिणी से गायब

प्राथमिक स्कूलों में चलने वाले आधे घंटे के रेडियो शैक्षिक संवाद (मीना की दुनिया) को हटा दिया गया है। अब पहली कक्षा से पांचवीं के बच्चों को मीना की दुनिया सुनने का मौका नहीं मिलेगा। जबकि शिक्षकों का कहना है कि रेडियो संवाद से प्रायमरी के बच्चे सुनकर ज्यादा सीखते थे।

समय पर्याप्त है

लंच के समय में ही बच्चे हाथ धो लेंगे। 25 मिनट में हाथ भी धो सकते हैं और लंच भी कर सकते हैं। इससे स्वच्छता अभियान में कोई कमी नहीं आएगी।

दीपक जोशी, राज्य मंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग

स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से दो साल पहले निर्देश जारी कर 10 मिनट का समय हैंडवॉश के लिए रखा गया था, जिसे इस बार समय सारिणी से हटा दिया गया है। जबकि इससे बच्चों में अच्छी आदतें विकसित होती है।

अरविंद भूषण श्रीवास्तव, प्रांतीय संयोजक, शिक्षा समिति मप्र कर्मचारी संघ

हैंडवॉश स्वच्छता का अभिन्न् हिस्सा है। इसके लिए खाने के समय में से कटौती की जाएगी।

एच एस तोमर, प्राचार्य, सरोजनी नायडू कन्या स्कूल

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