कांग्रेस दे 4 पीढ़ियों का हिसाब, मोदी के भय से एकजुट हो रहा विपक्ष: शाह

आगरा: ताजनगरी आगरा में प्रबुद्धजन सम्मेलन को सम्बोधित करने आए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी भाजपा से 4 सालों का हिसाब मांगते हैं। भाजपा इन 4 सालों का हिसाब देगी लेकिन इससे पहले कांग्रेस अपनी 4 पीढ़ियों (जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया की यू.पी.ए. वन और टू) का हिसाब-किताब दें।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 55 साल में देश में राज किया है, कांग्रेस उसका हिसाब-किताब दे। यू.पी.ए. वन और टू में 12 लाख करोड़ के घोटाले हुए। देश का स्तर बहुत नीचे चला गया और देश को पोलिसी पैरालाइसिस हो गया। यही वजह रही कि 2014 में मोदी की सुनामी आई और 30 साल के बाद गैर-कांग्रेसी पूर्ण बहुमत की सरकार बनी। इससे पहले अमित शाह ने भाजपा की ऐतिहासिक जीत में यूपी का योगदान बताया और कहा कि देश में पूर्ण बहुमत की सरकार चल रही है व ऐतिहासिक फैसले ले रही है जिसकी वजह उत्तर प्रदेश है क्योंकि 2014 में अगर यूपी.लोकसभा की 73 सीट नहीं देता तो शायद केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार नहीं बन पाती।उन्होंने कहा कि मोदी के भय से बिना विचाराधारा एकजुट हुए सम्पूर्ण विपक्ष का लक्ष्य सिर्फ  2019 में  मोदी को हराना है लेकिन यह जनता तय करेगी कि उसे भ्रष्टाचार, गरीबी को हटाना है या मोदी को।

51 फीसदी वोट का गणित
यूपी में अमित शाह 51 फीसदी वोट शेयर का गणित गठबंधन से निपटने का बता रहे हैं। यही वजह रही कि भाजपाध्यक्ष ने ताजनगरी आगरा में भी 51 फीसदी शेयर वोट का गणित प्रबुद्धजनों को बताया और कहा कि अगर 50 फीसदी शेयर वोट भाजपा को मिल जाए तो भाजपा को यूपी में सपा, बसपा, कांग्रेस और रालोद मिलकर भी नहीं हरा सकते। यही वजह रही कि भाजपाध्यक्ष ने इसी गणित का सहारा लेकर भाजपा की सीटें बढऩे की संभावना बताई।

बिना परिवार वाला मुख्यमंत्री
शाह ने परिवारवाद पर जमकर हमला बोला और कहा कि लोग परिवारवाद की बात करते हैं इसलिए हमने बिना परिवार वाला मुख्यमंत्री दिया है जिसका समाज और राष्ट्र ही परिवार है। इस पर योगी के चेहरे पर मुस्कान नजर आई।

सोशल मीडिया के सहारे मैदान में उतरेगी भाजपा
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 2014 लोकसभा जीत दोहराने के लिए यूपी में कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोल रहे हैं। कैराना, फूलपुर और नूरपुर उपचुनाव हारने के बाद से भारतीय जनता पार्टी को यूपी में अपनी रणनीति बदलनी पड़ गई है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमित शाह चुनावी शंखनाद होने से पहले ही लोकसभा की सबसे बड़ी सीटों वाले प्रदेश में कूद पड़े हैं। आगरा में अमित शाह ने 3 क्षेत्रों के विस्तारकों संग बैठक की लेकिन, उनकी रणनीति अब गठबंधन समझ चुका है। लोकसभा चुनाव में महागठबंधन अब नई रणनीति के साथ भाजपा को टक्कर देनी की फिराक में है।