52 घंटे थाने के चक्कर काटे, सुनवाई नहीं हुई तो छात्रा ने लगाई फांसी

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इंदौर। एक तरफ मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान दुष्कर्मियों को फांसी की सजा दिलवाने की बात कह रहे थे तो दूसरी ओर छेड़छाड से परेशान 10वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी।

पड़ोसी युवक ने उसकी तस्वीरों से छेड़छाड़ कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी थी, जिससे वह दुखी हो गई थी। 52 घंटे बाद भी जब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो उसने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद डीआईजी ने सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया। देर रात आरोपित, उसकी माता और बहन को हिरासत में ले लिया।

द्वाराकापुरी पुलिस के मुताबिक प्रजापत नगर की रहने वाली छात्रा ने आत्महत्या की है। उसके छोटे भाई ने बताया कि बहन को कई महीनों से पड़ोसी युवक मिलन चौहान परेशान कर रहा था। मंगलवार शाम करीब 4 बजे पता चला कि पड़ोसी ने बहन की तस्वीर से छेड़छाड़ की है, जिसे उसने फेसबुक और वाट्सएप पर वायरल कर दी। मैं आरोपित युवक को समझाने पहुंचा तो उसने धमकाकर भगा दिया था। फिर पुलिस के पास गया, लेकिन वहां से कार्रवाई का आश्वासन देकर चलता कर दिया। बुधवार सुबह फिर थाने गया, लेकिन महिला पुलिस नहीं होने का हवाला देकर दोबारा चलता कर दिया।

गुरुवार को थाने से पुलिस को लेकर बदमाश के घर गया, लेकिन उन्होंने उसे नहीं पकड़ा। इसी बात को लेकर गुरुवार शाम घर में विवाद भी हुआ। इससे बहन दुखी होकर कमरे में चली गई और दरवाजा बंद कर फंदे पर लटक गई। आधे घंटे तक वह बाहर नहीं आई तो मां उसे देखने गई। दरवाजा नहीं खोलने पर पड़ोसियों की मदद से उसे तोड़ दिया। उसे फंदे से उतारकर यूनिक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में जब टीआई से संपर्क करने का प्रयास किया तो वे उपलब्ध नहीं हुए।

35 हजार लिए थे इसलिए नहीं किया समय पर गिरफ्तार

उधर कार्रवाई नहीं होने से नाराज रहवासियों ने गुरुवार रात थाने का घेराव कर दिया। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रहवासियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने 35 हजार रुपए लेकर आरोपित को बचाने की कोशिश की थी इसलिए पुलिस ने उसे समय पर नहीं पकड़ा।

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पापा सॉरी, मेरी कोई गलती नहीं है। वह मुझे परेशान-ब्लैकमेल कर रहा था। उसने मेरी फोटो एफबी पर डाल दी है। इससे मेरी इमेज खराब हो गई है। उसने मुझसे जबरदस्ती दो लेटर भी लिखवाए थे आपके लिए। मुझे स्कूल के टाइम पर परेशान करता है और जबरन बात करने का दबाव बनाता था। मैं उससे बहुत परेशान हूं। आपको पता है पापा उसकी मम्मी बहुत खराब है। मैं नहीं चाहती कि मेरी वजह से आपकी इमेज खराब हो। मैं स्कूल से आ रही थी, तब सब लोग बोल रहे थे कि मेरी गलती है। सॉरी मुझे माफ करना पापा। मुझे लगा कि मैं ही नहीं रहूंगी तो बात ही खत्म हो जाएगी।

(जैसा पत्र में लिखा)

एसआई निलंबित, टीआई की भूमिका की भी जांच

प्राथमिक तौर पर पता चला है कि सब इंस्पेक्टर ओंकारसिंह कुशवाह ने कार्रवाई नहीं की। उन्हें निलंबित कर दिया है। जांच एएसपी मनीष खत्री को सौंपी है। टीआई की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपित के खिलाफ धारा-306 में केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। – हरिनारायणचारी मिश्र, डीआईजी इंदौर

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