MAEERS MIT स्कूल ने छात्राओं के इनरवियर के रंग को लेकर अजीब गाइडलाइन जारी की थी। छात्राओं के साथ ही उनके अभिभावक इसका विरोध कर रहे हैं। इस विरोध के बाद सरकार हरकत में आई और उसने अभिभावकों और छात्राओं की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर को ये निर्देश दिए हैं कि वो जांच के लिए स्कूल में एक कमेटी भेजें। इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

 

एक अभिभावक ने बताया कि,” स्कूल प्रबंधन ने छात्राओं के इनरवियर के रंग को लेकर गाइडलाइन जारी की थी। इस गाइडलाइन में छात्राओं को सफेद या स्किन के रंग का इनरवियर पहनने को कहा गया। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन ने छात्राओं की स्कर्ट की लंबाई को लेकर भी गाइडलाइन जारी की है। ये सारी बातें डायरी में लिखी हुई थीं और अभिभावकों को इस पर साइन करने के लिए कहा गया था।”

छात्राओं के इनरवियर का रंग तय करने के साथ ही स्कूल प्रबंधन ने बाथरूम के इस्तेमाल को लेकर भी बंदिशें लगाई हैं। गाइडलाइन में ये साफ लिखा गया कि, अगर छात्र और उनके अभिभावक इस पर अमल नहीं करते हैं तो कार्रवाई होगी।

हालांकि इस पर एमआईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुचित्रा कराड नागरे ने अपनी सफाई पेश की है। उनके मुताबिक, “इस गाइडलाइन के पीछे प्रबंधन की नीयत अच्छी है। पुराने अनुभवों से सबक लेने के बाद भी हमने ये फैसला किया। इसके पीछे हमारा कोई छुपा एजेंडा नहीं है। ये सभी नियम छात्रों की सुरक्षा के लिए हैं। मगर अभिभावकों को इसे लेकर कोई आपत्ति थी तो उन्हें हमसे बात करनी थी। हम इसका जरूर कोई हल निकालते।”