भोपाल। जुलाई माह में इस साल दो ग्रहण पड़ने जा रहे हैं। इसमें भारत में जहां चंद्रग्रण पड़ेगा, वहीं विदेशों में दिखने वाले सूर्य ग्रहण का प्रभाव भी भारत में आंशिक रूप से रहेगा।

13 जुलाई को खंडग्रास सूर्यग्रहण पड़ रहा है, जो ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड समेत कई अन्य देशों में दिखाई देगा। वहीं 27 जुलाई को खग्रास चंद्र ग्रहण भारत में देखा जाएगा।

एक पखवाड़े में पड़ रहे दो ग्रहण को ज्योतिषाचार्य अशुभ मान रहे हैं। ज्योतिषमठ संस्थान के पं. विनोद गौतम ने बताया कि ये ग्रहण ऐसे समय में पड़ रहे हैं जब 9 में से 6 ग्रह वक्री अर्थात उल्टी चाल चल में रहेंगे। साथ ही 18 जुलाई को नवग्रहों में कालसर्प योग की छाया रहेगी। इसके कारण सभी ग्रह राहु-केतु के अधीन आ जाएंगे। यह संयोग न केवल मानसून को प्रभावित करेगा बल्कि प्राकतिक आपदाओं की आशंकाएं भी पैदा करता है। पं. गौतम ने बताया कि 27 को भारत में पड़ रहा खग्रास चंद्र ग्रहण का प्रारंभ रात 11ः54 बजे होगा, जबकि इसकी समाप्ति रात 3ः49 पर होगी। इससे 18 जुलाई से एक महीने तक विश्व में कहीं भी जन्म लेने वाले शिशु की कुंडली में कालसर्प दोष रहेगा।