घिसट-घिसटकर मंच पर पहुंचे दिव्यांग, मंत्री-सांसद के सामने बहाते रहे आंसू

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सतना। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत सोमवार को बीटीआई ग्राउंड में आयोजित दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण शिविर कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कुल 338 दिव्यांगों को 1 करोड़ 30 लाख रुपए के उपकरण वितरित करने का दावा भले ही किया हो लेकिन सच्चाई कुछ अलग ही बयां कर रही थी।

शिविर में 70 फीसदी दिव्यांगों को लाभ नहीं मिला। कुल मिलाकर दिव्यांगों के लिए आयोजित शिविर पूरी तरह अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। पात्र दिव्यांग भटकते रहे, कुछ जमीन पर पड़े रहे, कुछ घिसट घिसट कर मंच पर ही मंत्री, सांसद और विधायक के सामने आंसू बहाते रहे।

लोगों के मुताबिक दिव्यांगों के पात्रता चयन में भी जमकर भेदभाव किया गया। 238 को मोपेड ट्राइसाइकिल दी गई। लेकिन दिव्यांग शिविर में ही दूरदराज से आए राजू, मुन्ना, मदन सहित अन्य दिव्यांगों ने कहा कि हमें बुलाया तो गया लेकिन लेकिन न तो पंजीयन किया गया, न ही प्रमाण पत्र बना और न ही उपकरण दिए गए।

भारतीय संस्कृति दीन-दुखियों की सेवा करने की सीख देती है : गहलोत

वहीं समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गहलोत कहा कि भारतीय जसंस्कृति हमें दीन-दुखियों की सेवा करने की सीख देती है। यदि हम सब मिलकर दिव्यांगों के कल्याण में सहभागिता निभांएगे, तो वह भी मानवता के विकास में कदम से कदम मिलाकर चल पाएंगे। श्री गहलोत ने कहा कि दिव्यांगों की तरक्की के क्षेत्र में भारत ने दुनिया में अलग पहचान बनाई है।

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