चार दिन पहले ले गई थी पुलिस, फिर कभी नहीं लौट पाया घर

Advertisements

भोपाल। दहेज प्रताड़ना के मामले में एक युवक का वारंट तामिल कराने के बाद अशोकागार्डन पुलिस उसे पेशी के चार दिन पहले घर से थाने ले गई।

 

जहां से उसे खंडवा कोर्ट में पेश किया। लेकिन, जमानत मिलने के बाद युवक लापता हो गया। परिजनों को गुरुवार देर शाम इटारसी में युवक की मौत की जानकारी लगी। वहां पहुंचने पर पता चला कि जीआरपी ने उसे लावारिस समझकर दफन तक कर दिया था। आक्रोशित परिजनों ने शुक्रवार का अशोकागार्डन थाने के सामने युवक का शव रखकर डेढ़ घंटे तक चक्काजाम किया। चक्काजाम कर रहे लोगों ने जमकर हंगामा किया। यही नहीं पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की।

परिजनों ने आरोप लगाए कि युवक को पेशी के चार दिन पहले क्यों ले जाया गया। उससे थाने में क्यों झाड़ू लगवाई गई। पेशी के बाद उसे सकुशल क्यों नहीं लाया गया। हालांकि पुलिस ने समझाइश के बाद परिजनों को शांत करवा दिया।

जानकारी के अनुसार 38 वर्षीय नितिन श्रीवास्तव सेमराकला में रहता था। वह शादी कार्डस की दुकान पर काम करता था। करीब बारह साल पहले उसकी शादी छनेरा (खंडवा) निवासी महिला से हुई थी। दोनों का 11 साल का एक बच्चा भी है। बीते पांच साल से दंपती के बीच विवाद चल रहा था। इसके चलते पत्नी ने खंडवा में दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करवाया था। जिसकी खंडवा जिला न्यायालय में पेशी चल रही है, जिसकी पेशी 27 जून को थी। इस हादसे के बाद से पूरे परिवार में गम का माहौल है।

मृतक के भाई ने कहा बिना वर्दी में आए थे पुलिसकर्मी –

मृतक के भाई जीतेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार 23 जून को अशोकागार्डन थाने के पुलिसकर्मी बिना वर्दी के आए और नितिन को घर से ले गए। पुलिसवाले नितिन से थाने में झाड़ू लगवाते थे। इसके सबूत थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे में मिल जाएंगे। इसके बाद पुलिस उसे पेशी के लिए खंडवा ले गई। 27 जून को उसे कोर्ट से जमानत मिल गई, लेकिन 27 जून की रात तक नितिन घर नहीं पहुंचा। थाने में उसकी गुमशुदगी का आवेदन दिया गया।

इसी बीच 28 जून की देर शाम को इटारसी से उसकी मौत की खबर मिली। शुक्रवार को वहां गए तो पता चला कि उसके शव को लावारिस समझकर दफना दिया गया है। नितिन का शव जीआरपी को इटारसी रेलवे स्टेशन पटरियों के पास मिला था। शव को निकलवाकर भोपाल लाए। जीतेंद्र की मांग है इस मामले की पूरी जांच कर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। इधर, अशोकागार्डन के टीआई सुनील श्रीवास्तव का कहना है कि वारंट तामिल के बाद पेशी पर लेकर गए थे। परिजनों आरोप पर जांच करवा ली जाएगी।

Advertisements