इंदौर। मंदसौर कांड पीड़िता 7 साल की बच्ची का इलाज एमवाय अस्पताल में चल रहा है। वह कभी पास बैठी मां को देखती है तो कभी पर्दों के पार झांकने की कोशिश करती है। बार-बार लोगों को आते-जाते देख वह सहम जाती है। आंखों ही आंखों में पास में बैठी मां से पूछती है कि उसे यहां क्यों रखा गया है।

डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। उधर, पुलिसकर्मियों के पहरे के बावजूद सुबह बच्ची को देखने नेता पहुंचते रहे, जबकि उसकी हालत ऐसी नहीं थी कि ऐसी स्थिति का सामना कर सके।

डॉक्टरों ने तीन सर्जरी कर बच्ची की जान तो बचा ली, लेकिन हालत सुधरने में वक्त लगेगा। शुक्रवार सुबह कांग्रेस की पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन भी अस्पताल पहुंचीं। नेतागण बगैर रोक-टोक वार्ड में आते-जाते रहे। इन्हें देख बच्ची सहमती रही। वह समझ नहीं पा रही थी कि लोग उसे क्यों देखने आ रहे हैं। वार्ड के बाहर तैनात पुलिसकर्मी नेताओं के आगे वे बेबस नजर आए।

पर्याप्त इलाज को कहा है

हमने अस्पताल प्रबंधन को बच्ची के पर्याप्त इलाज का इंतजाम करने को कहा है। हर बेहतर प्रयास किए जाएंगे। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सुधीर गुप्ता, सांसद मंदसौर

चौराहे पर फांसी देना चाहिए

ऐसे दरिंदों को चौराहे पर फांसी देना चाहिए और अंतिम संस्कार करने के बजाय उनके शव को चील- कौवों को डाल देना चाहिए। ऐसे कठोर कदम उठाकर ही ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं। मेरे पास बच्ची का दर्द बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं। – उषा ठाकुर, विधायक