हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कमजोर वोटिंग प्रतिशत वाले बूथों पर मतदान बढ़ाकर जीत हासिल की है। प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में हिमाचल प्रदेश के संगठन महामंत्री पवन राणा ने मोर्चा-प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों की बैठक में यह फार्मूला पेश किया।

पवन राणा ने कहा कि भाजपा को हिमाचल प्रदेश में 48 प्रतिशत वोट मिले थे। 44 सीटों में जीत हुई, जिसकी वजह हमारे बूथ और शक्ति केन्द्र रहे, जहां हम मजबूत थे। उन्होंने हिमाचल प्रदेश में मिली जीत को साझा करते हुए कहा कि लक्ष्य जिसका तय होता है, विजय उसे ही मिलती है।

छत्तीसगढ़ में भाजपा का लक्ष्य तय है कि हमें 65 से अधिक सीटों पर कब्जा करना है। जनता के बीच सतत सम्पर्क से ही भाजपा की देश के कई राज्यों में सरकार है। उन्होंने बूथ स्तर पर मजबूती को लेकर कई सुझाव दिये साथ ही लाभार्थी सम्मेलन पर बल दिया ।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने भाजपा मोर्चा के प्रदेश व जिला पदाधिकारियों को कहा कि प्रदेश में हमारा संगठानिक ढांचा मजबूत है। हमारे कर्मयोगी कार्यकर्ता चौथी बार फिर से सरकार बनाने को जुट गए है।

हमें जनता के बीच केन्द्र व राज्य सरकार के विकास योजनाओं को ले जाकर चौथी बार फिर से सरकार बनाने को जुट जाना होगा। देश की आजादी के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही सरकार एक लक्ष्य आधारित सरकार है जो गांव, गरीब, किसान के समग्र विकास में लगी हुई है।

मोर्चा-प्रकोष्ठ प्रभारी रामप्रताप सिंह ने कहा कि मोर्चों की मजबूती से हमारी जीत और आसान होगी। मोर्चा जिनता मजबूत होगा, हम उतने ही जीत के करीब होंगे।

प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कहा कि बूथों पर हम जितने शक्तिशाली होंगे, हम उतनी ही मजबूती के साथ विपक्षियों को परास्त कर पाएंगे। बैठक में संतोष पाण्डेय, गिरधर गुप्ता, डॉ. सुभाऊ कश्यप, अशोक मेढ़े, हिमाचल प्रदेश के प्रदेश सचिव त्रिलोक जाम्बवाल, उपाध्यक्ष गुरमीत सिंह सहित अन्य मौजूद थे।