बड़ा बदलाव, अब UGC खत्म, वित्‍तीय अधिकार मंत्रालय के पास

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नई दिल्ली। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूती देने और फर्जी विश्वविद्यालयों पर लगाम कसने के लिए सरकार ने यूजीसी एक्ट में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। इसके तहत यूजीसी नाम की संस्था अब खत्म हो जाएगी।

इसकी जगह एचईसीआइ (हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया) लेगा। लेकिन इसके पास विश्वविद्यालयों और कालेजों को वित्तीय मदद देने का अधिकार अब नहीं होगा। अब यह अधिकार सीधे मंत्रालय के पास होगा।

केंद्र सरकार ने बुधवार को नए अधिनियम के मसौदे का प्रस्ताव रखते हुए यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी की जगह एचईसीआइ की व्यवस्था बताई है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर मसौदे को जारी करते हुए सभी शिक्षाविदों और आम जनता से इस मुद्दे पर अपने सुझाव देने को कहा है। यह सुझाव सात जुलाई को शाम पांच बजे से पहले तक मांगे गए हैं।

संशोधन बिल आगामी मानसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। नए एक्ट के तहत एचईसीआइ के पास फर्जी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में फर्जी डिग्री बांट रहे संस्थानों के खिलाफ सीधी कार्रवाई और मान्यता रद

करने तक का अधिकार होगा। साथ ही अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ जुर्माना और तीन साल की सजा का भी अधिकार होगा।

वहीं नए एक्ट के तहत सभी विश्वविद्यालयों के लिए एक ही आयोग होगा। इनमें केंद्रीय विवि, राज्य विवि, निजी विवि, डीम्ड विवि आएंगे। जिनके लिए वह नियम और दिशा-निर्देश तय कर सकेंगे।

अभी निजी और डीम्ड जैसे विश्वविद्यालयों के लिए नियम मंत्रालय से तय होते हैं। इसके साथ ही एचईसीआइ के दायरे में आनलाइन रेगुलेशन, नैक को मजबूती देने, विवि और कालेजों को स्वायत्तता, स्वयं पोर्टल सहित ओपन लर्निंग रेगुलेशन आदि तय करने का भी काम होगा।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर इस बदलाव पर खुशी जताई और कहा कि इससे उच्च शिक्षा में चल रहे इंस्पेक्टर राज का भी खात्मा होगा।

मौजूदा समय में मंत्रालय के पास विवि और कालेजों को ज्यादा ग्रांट देने और निरीक्षण के नाम पर भ्रष्टाचार से जुड़े मामले भी सामने आते रहे हैं।

यही वजह है कि नए बदलाव के बाद गठित होने वाले एचईसीआइ के पास वित्तीय अधिकार नहीं होगा। उसका फोकस सिर्फ विश्वविद्यालयों के पठन-पाठन और शोध क्षेत्र में किए जा रहे उसके कामकाज को लेकर रहेगा।

इसके अलावा मान्यता जैसे विषयों का निराकरण आनलाइन किया जाएगा। इसके लिए एचईसीआइ के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।

ऐसा होगा एचईसीआइ का सेटअप

नए एक्ट के तहत गठित होने वाले एचईसीआइ में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन के अलावा अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े 12 सदस्य भी होंगे। इसके साथ ही आयोग का एक सचिव भी होगा, जो सदस्य सचिव के रूप में काम करेगा। इन सभी की नियुक्ति केंद्र सरकार करेगी। चेयरमैन का चयन कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में गठित एक चार सदस्यीय सर्च कमेटी करेगी। इनमें उच्च शिक्षा सचिव भी बतौर सदस्य शामिल होंगे।

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