ऐसा बताया जा रहा है कि विवि में किसी एक विचारधार के व्यक्ति की नियुक्ति करने के लिए इस तरह का संशोधन किया गया है। खास बात तो यह है कि यूजीसी के नियमों के अनुसार प्रोफेसरों की भर्ती के लिए 55 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। इतना ही नहीं राज्य शासन के विवि अधिनियम के अनुसार 50 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। वहीं कुछ विवि ने गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 60 प्रतिशत तक अंक अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद विवि का यह निर्णय आने के बाद अन्य प्रोफेसरों में आक्रोश का माहौल निर्मित हो रहा है।

अब विद्यार्थीयों का नहीं होगा एक साल खराब

इधर विवि की साधारण सभा की बैठक में निर्णय लिया गया है कि यूएफएम प्रकरण बनने वाले छात्रों का एक साल बर्बाद नहीं होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने निर्णय लिया है कि जिस विषय में यूएफएम बना है सिर्फ उसी सेमेस्टर की परीक्षाएं स्थगित की जाएगी। इससे विद्यार्थी का पूरा एक साल बर्बाद नहीं हो पाएगा।