अब कहीं से भी करें पासपोर्ट के लिए आवेदन

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नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट हासिल करने के लिए नई व्यवस्था लांच की है। इसके तहत देश में कहीं से भी पासपोर्ट के लिए आवेदन किया जा सकेगा।

इसके लिए कंप्यूटर की भी जरूरत नहीं रहेगी। सरकार ने मोबाइल एप भी बनाया है, जिसे स्मार्ट फोन से चलाया जा सकेगा। छठे पासपोर्ट सेवा दिवस पर स्कीम को लांच किया गया।

इसके तहत कोई भी व्यक्ति रीजनल पासपोर्ट ऑफिस (आरपीओ), पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) व पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) में आवेदन कर सकेगा।

इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि आवेदक का घर कहां है? पुलिस जांच की जरूरत पड़ी तो वह उसके संबंधित पते पर करा ली जाएगी। जिस आरपीओ पर आवेदन किया गया होगा, वहां से पासपोर्ट बनने के बाद व्यक्ति के पते पर पहुंच जाएगा।

एम पासपोर्ट सेवा को लांच करने के बाद सुषमा स्वराज ने कहा कि यह एक क्रांतिकारी बदलाव है। उनका कहना था कि पिछले 48 सालों में 77 पासपोर्ट सेवा केंद्र खोले गए थे, जबकि पिछले 48 माह में 231 नए खोले जा चुके हैं। सरकार की कोशिश है कि हर लोकसभा क्षेत्र में ये खुले।

प्रवासी भारतीयों की पत्नी को राहत देने के लिए तीन कानूनों में तब्दीली

कानून मंत्रालय ने प्रवासी भारतीयों की पत्नी को राहत देने के लिए तीन कानूनों में तब्दीली की है। इन्हें अगले सप्ताह कैबिनेट में भेजा जाएगा। जहां से हरी झंडी के बाद ये कानून की शक्ल ले लेंगे।

महिला व बाल विकास सचिव राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि मैरिज एक्ट, पासपोर्ट एक्ट व कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर में बदलाव किया जा रहा है।

मैरिज एक्ट में बदलाव के तहत एक सप्ताह में शादी का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर पासपोर्ट रद किया जा सकता है।

पासपोर्ट एक्ट में बदलाव के तहत अगर प्रवासी कोर्ट में पेश नहीं होता है तो सरकार को अधिकार होगा कि वह उसका पासपोर्ट रद कर सके।

तीसरे एक्ट में बदलाव के बाद विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर एनआरआइ का समन जारी किया जा सकेगा। अगर फिर भी वह कोर्ट में पेश नहीं होता है तो उसकी संपत्ति जब्त की जा सकेगी।

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