10 दिन में नियमित करो, नहीं तो प्रदेशभर में काम बंद, बिजली के आउटसोर्स कर्मियों की चेतावनी

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उज्जैन। बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारी सांकेतिक प्रदेश स्तरीय धरने पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, मगर प्रशासन ने 10 दिन की परमिशन दी है। कर्मचारियों का कहना है कि इसके बाद भी कोई निर्णय नहीं हुआ तो काम बंद कर दिया जाएगा।

मप्र बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने चेतावनी दी है कि अभी 10 दिनों तक शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे। मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री का ध्यान आकर्षित कराने के लिए आंदोलन का कदम उठाया है। संगठन का कहना है कि बीते तीन सालों में 500 से अधिक ज्ञापन मुख्यमंत्री को दे चुके हैं किंतु कोई पहल नहीं की गई। इधर, संगठन ने अनिश्चितकालीन धरने की अनुमति प्रशासन से मांगी थी किंतु 10 दिन की परमिशन टॉवर चौक पर दी गई है। 10 दिनों में प्रदेश सरकार ने कोई फैसला नहीं किया तो संगठन से जुड़े प्रदेश के 45 हजार आउटसोर्स कर्मचारी बिजली विभाग का काम बंद कर देंगे।

श्रद्धांजलि के साथ धरना शुरू

आउटसोर्स कर्मचारियों ने दोपहर में सबसे पहले बिजली विभाग में काम करते हुए दुर्घटओं में मारे गए कर्मचारियों को श्रद्धांजलि देकर धरना आरंभ किया। रविवार रात में मृतक कर्मचारियों को मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी गई। संगठन का कहना है कि मौजूदा साल में आउटसोर्स के रूप में काम करने वाले 400 से अधिक लाइनमैनों की मौत चुकी है। मृतकों को न तो ठेकेदारों से सहायता मिलती है और न ही बिजली कंपनी से। क्योंकि वे कर्मचारी किसके हैं, यह साफ नहीं है।

ये प्रमुख मांगें

-समान काम समान वेतन दिया जाए।

-जोखिम को शामिल किया जाए।

-बीमा एवं ग्रेज्युटी का लाभ दिया जाए।

-बिजली कंपनी में नियमितीकरण किया जाए।

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