सुकरण कालिया ने बताया कि उनकी बहन शैलजा द्विवेदी का वैवाहिक जीवन सुखी था। उनके बहनोई मेजर अमित द्विवेदी से उनकी बहन शैलजा का आज तक कोई मतभेद तक नहीं हुआ। सुकरण ने अमृतसर के श्री दुर्ग्याणा मंदिर के श्मशानघाट में बहन शैलजा का अंतिम संस्कार करने के बाद अपने घर पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में यह बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि अगर एक कैंपस में दो परिवार रहते हैं और आपस में मिलते हैं तो इसका अर्थ यह नहीं है कि दो लोगों में प्रेम प्रसंग शुरू हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपित निखिल हांडा एकतरफा प्यार करता था, जिसका पता चलने पर उनकी बहन आरोपित का विरोध कर रही थी।

उन्होंने बताया कि उनकी बहन का मेजर निखिल हांडा से कोई प्रेम प्रसंग नहीं था। उन्होंने मीडिया से अपील की है कि उनकी बहन के चरित्र को गलत तरीके से पेश न किया जाए। उनकी बहन ने समाज के लिए कई काम किए।

दिल्ली पुलिस की जांच में भी सामने आ चुका है कि उनकी बहन बीमारी की वजह से दिल्ली में अपना इलाज करवा रही थी और आरोपित मेजर निखिल हांडा अपनी बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल में दाखिल हुआ था। जब अस्पताल प्रबंधन ने उसे (निखिल हांडा) को छुट्टी दे दी तो फिर उसने बहाने से अपने बच्चे को उसी अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां शैलजा रोजाना इलाज के लिए पहुंचती थी। प्रेस कांफ्रेंस में मृतक शैलजा के पति मेजर अमित द्विवेदी, मां रेखा कालिया, बेटा सात्विक (5) के अलावा कई रिश्तेदार मौजूद थे।

दिल्ली से भागने में रिश्तेदारों ने की थी निखिल की मदद, पुलिस कर रही पूछताछ-

मेजर की पत्नी की हत्या के मामले में आरोपित मेजर निखिल हांडा को पुलिस मेरठ लेकर जाने की तैयारी कर रही है। पुलिस शैलजा का मोबाइल बरामद कर चुकी है। पुलिस के अनुसार मोबाइल फोन से आरोपित ने सिम निकाला और उसे तोड़ दिया, फिर घर के पास ही उसे फेंक दिया। अब पुलिस शैलजा का पर्स, छाता और वारदात में प्रयुक्त चाकू बरामद करने का प्रयास कर रही है।

मेरठ छावनी के जिस इलाके में आरोपित रुका था, वहां जाकर पुलिस छानबीन करेगी। आरोपित के कुछ रिश्तेदारों से भी इस मामले में पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि इनसे आरोपित ने पैसे लिए और वहां से निकल गया। पुलिस का कहना है कि इनकी मदद से ही आरोपित दिल्ली से फरार हुआ। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपित ने वारदात के समय जो कपड़े पहने हुए थे, वह कपड़े उसने रास्ते में जलाने का प्रयास किया था। अधजले कपड़ों को पुलिस बरामद करने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा जिस तौलिये से आरोपित ने अपनी कार से शैलजा का खून साफ किया था, पुलिस उसको भी बरामद करने का प्रयास कर रही है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि अभी इस मामले में जो चाकू बरामद किया गया है, उसका इस्तेमाल कपड़े पर जमी खून की परत को खुरचने के लिए किया गया। अभी उस चाकू की तलाश हो रही है, जिससे हत्या की गई।

छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला है कि वारदात के बाद आरोपित ने शव को कार से कुचला और मौके से फरार होकर वह सीधा बेस अस्पताल पहुंचा। वहां वह अपनी पत्नी व बेटे से मिला। कुछ ही देर बाद वह अस्पताल से निकलकर फिर घटनास्थल पर पहुंचा। वहां पुलिस को देखकर वह सीधा निकल गया।

घर पहुंचने से पूर्व आरोपित ने शैलजा का मोबाइल तोड़ा और सीधे घर पहुंचा। इसके बाद करीब पांच बजे वह फिर से आरआर अस्पताल पहुंचा। यहां उसने शैलजा के पति और पुलिस को खड़े देखा। इसके बाद आरोपित वहां से भी निकल गया। आधी रात को वह मेरठ जीओ मेस पहुंचा और वहां उसने एक कमरा लिया।

पुलिस को यह भी पता चला है कि आरोपित एक वकील के पास गया था। वहां उसने वकील को सारी बात बताकर बचने के रास्तों के बारे में पूछा। लेकिन, वहां से कोई आश्वासन न मिलने के बाद उसने भागने का फैसला किया।

टायर नहीं बदल पाया था आरोपित-

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शैलजा को कार से रौंदने के बाद जैसे ही निखिल साकेत स्थित अपने घर पहुंचा तो उसने देखा की कार की टायर पर खून के धब्बे हैं। वह आसपास टायर बदलवाने के लिए गया भी, लेकिन दुकान पर भीड़ होने की वजह से वह वापस आ गया। इसके बाद उसने सोचा कि वह टायर मेरठ में बदल लेगा, लेकिन इससे पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।