ग्वालियर । उत्तप्रदेश से सटे मध्यप्रदेश के ग्वालियर चंबल संभाग में भिंड सहित कई जिलों को सफेद नशे (स्मैक) का कारोबार तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भिंड पुलिस ने हाल ही में करीब डेढ़ करोड़ की लगभग डेढ़ स्मैक बरामद की है।

सफेद जहर लेकर आए तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे इसे यूपी के उरई और जालौन से लेकर आए हैं। 150 से लेकर 250 स्र्पए की पुड़िया के रूप बिक रही स्मैक चाय की गुमटी, ढाबों और सुनसान इलाकों में आसानी से मिल रही है। एक अनुमान के मुताबिक भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया और शिवपुरी जिले में 100 से ज्यादा स्थानों पर रोजाना आधा करोड़ से ज्यादा स्मैक का कारोबार हो रहा है। इन जिलों में करीब 3 हजार लोग सफेद जहर के धुएं के आदी हो चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या युवाओं की है।

भिंड के बिड़रा, श्योपुर के राडेप गांव में ज्यादा नशा

उत्तरप्रदेश के रास्ते चंबल में आ रहे सफेद जहर की पहुंच शहरी क्षेत्र, कस्बों से होती हुई अब ग्रामीण इलाकों में पहुंच गई है। भिंड जिले में आलमपुर के बिड़रा गांव और श्योपुर जिले में बड़ौदरा के राडेप गांव सबसे ज्यादा स्मैक का नशा करने वाले लोग हैं। भिंड के मौ कस्बे में भी सफेद जहर के धुएं में खोने वालों की संख्या बढ़ रही है। राडेप में सबसे ज्यादा स्मैक के तस्कर रहते हैं। बिड़रा गांव में स्मैक के लिए लोग प्रॉपर्टी बेचकर मजदूरी तक करने के लिए मजबूर हैं।

ट्रांसपोर्टेशन हब बन रहा अंचल

जानकार बताते हैं कि ग्वालियर चंबल में सफेद नशे की खेप नेपाल से चलकर यूपी के उरई-जालौन तक आती है और वहां से भिंड-मुरैना में इसका नेटवर्क फैला हुआ है। श्योपुर में स्मैक आने का रास्ता बारां और कोटा जिला है। दतिया में भी यूपी से तस्कर स्मैक लेकर आते हैं।

मुरैना जिला फिलहाल इस कारोबार से अछूता है लेकिन शिवपुरी में 300 से 350 स्र्पए में बिकने वाली पुड़िया श्योपुर से आती है। सूत्र बताते हैं कि यूपी-राजस्थान से जितनी मात्रा में स्मैक आती है उतनी खपत यहां नहीं है। अंचल इस नशे का ट्रांसपोर्टेशन हब भी है। यहां से नशे की खेप महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों में भेजी जाती है।

चाय की गुमटी, ढाबों पर स्मैक:

उत्तरप्रदेश से आया सफेद जहर शहर, कस्बों की संकरी गलियों और ग्रामीण अंचल के अलावा चाय की गुमठी और ढाबों पर भी बिक रहा है। मालनपुर के फैक्टरी ऐरिया में रिठौरा रोड पर चाय की गुमटी में स्मैक बिकते हुए आसानी से देखा जा सकता है। यहां स्मैक के खरीदार ज्यादातर ट्रक डाइवर-क्लीनर हैं। इसके अलावा फैक्टरी इलाके में काम करने वाले मजदूर भी स्मैक का धीमा जहर खरीद रहे हैं।

अंचल में पकड़ी गई स्मैक की बड़ी खेप

1- भिंड – 24 मई को मौ थाना पुलिस ने मर्चेंट नेवी से भगौड़े देशराज पुत्र नरेंद्र भदौरिया सहित चार लोगों से 62 लाख की स्मैक जब्त की। इसके साथ ही – 11 जून को मौ पुलिस ने राजकुमार उर्फ सोनू से 10 लाख की 81 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा। 30 मई को बरोही थाना पुलिस ने अनिल कुमार उर्फ बल्लू निवासी मैनपुरी यूपी से से 12 लाख रुपए कीमत की 130 ग्राम स्मैक पकड़ी।

2- दतिया- जनवरी में होमगार्ड सैनिक राजेन्द्र सोलंकी के बेटे के कब्जे से धीरपुरा पुलिस ने 5 लाख रुपए कीमती 50 ग्राम स्मैक जब्त की थी। इससे ठीक 8 दिन पहले कोतवाली पुलिस ने सपा पहाड़ बस्ती से स्मैक बेच रही महिला सुमेधा सेन को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 10 ग्राम स्मैक जब्त की थी।

3- शिवपुरी- कोतवाली थाना पुलिस ने पिछले दिनों एक युवक को पुराने बस स्टैंड क्षेत्र से डेढ़ लाख स्र्पए की स्मैक के साथ पकड़ा था। पूछताछ में खुलासा हुआ यह युवक अफीम के साथ भी पकड़ा जा चुका है।

इनका कहना है

हमारा टारगेट नशे का कारोबार करने वाले लोग हैं। ऐसे लोगों की हिस्ट्रीशीट के आधार पर कुंडली भी तैयार कर रहे हैं। भिंड अच्छी कार्रवाई हुई हैं। दतिया में भी हुई है। इसको रोकने के लिए समाज के प्रबुद्धजन को भी शामिल करेंगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह बात पहुंचे कि इसके नुकसान बहुत हैं।

संतोष कुमार सिंह, आईजी, चंबल जोन