रायपुर । छत्तीसगढ़ में पुलिस आंदोलन का असर सोमवार को रायपुर में शुरुआत में तो देखने को नहीं मिला, लेकिन दोपहर में काफी तादाद में पुलिसकर्मियों की पत्नियां धरनास्थल पर पहुंची। पुलिस की काफी सख्ती के बाद भी कई महिलाएं पहुंचना शुरू हो गई है। ऐसे में अब पुलिस ने महिलाओं को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया है। पुलिस के द्वारा सदर बाजार रोड, कालीबाड़ी, मारवाड़ी श्मशान घाट रोड, पुरानी बस्ती समेत चारो तरफ बेरिकेड्स लगाकर आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया गया है ।

पुलिस परिवारों के आंदोलन से सशंकित सरकार ने सोमवार को चप्पे-चप्पे पर पहरा बिठा दिया है। आंदोलन को कुचलने के लिए बर्खास्तगी, नोटिस, और धमकी के बाद पुलिस जवान भी सहमे हुए हैं लेकिन उनकी पत्नियां आंदोलन के लिए आमादा हैं।

सोमवार को राजधानी में प्रस्तावित प्रदर्शन को नाकाम करने के लिए रायपुर की ओर आने वाली सड़कों पर कड़ा पहरा लगा दिया गया है। हर यात्री वाहन की सघन तलाशी ली जा रही है। राजधानी जाने वाले पुलिस परिवारों की पहचान कर जबरन वाहनों से उतारकर वापस भेजा जा रहा है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। यहां ट्रेन से उतरने वाले हर यात्री पर नजर रखी जा रही है।

गौरतलब है कि रविवार को प्रदेश भर में पुलिस अधिकारी अपने मातहतों को चेतावनी देते रहे। कई जगहों पर जवानों से लिखित में आंदोलन में भाग न लेने का करारनामा लिया गया। दहशत इतनी ज्यादा है कि कई जवानों ने अपना मोबाइल ही बंद कर दिया है। व्हाट्सएप संदेशों पर नजर रखी जा रही है।

आंदोलन में सक्रिय पुलिस जवानों के मोबाइल फोन टेप किए जा रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि यह विषय महत्वपूर्ण है और प्रशासन इसे लेकर गंभीर है।

आंदोलन पर आमादा पत्नी को पीटकर घर से निकाला

भिलाई में हेडक्वार्टर डीएसपी प्रमोद गुप्ता ने रोजनामचे में यातायात विभाग के आरक्षक एस कुमार साहू के खिलाफ कार्रवाई की अनुसंशा की है। कारण लिखा कि उसकी पत्नी पुलिस परिवारों को आंदोलन के लिए उकसा रही है। इससे डरे साहू ने घर लौटते ही पत्नी डॉली साहू की जमकर पिटाई की और घर से निकाल दिया। डॉली पति पर एफआइआर कराने के लिए थाने पहुंच गई। उसने कहा है कि वह आंदोलन में जरूर जाएगी। इस मामले में एसएसपी डॉ. संजीव शुक्ला ने टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई एएसपी की धमकी

पुलिस परिवारों को समझाने के लिए न्यू पुलिस लाइन दुर्ग पहुंची आइयूसीएडब्ल्यू की एएसपी सुरेशा चौबे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें वह अपने पद की धौंस दिखाते हुए महिलाओं को आंदोलन का हिस्सा न बनने के लिए बोल रही हैं। किसी के आंदोलन में शामिल होने पर उनके पति को बर्खास्त करने की बात को वह निपटाने जैसे शब्दों से बोलती नजर आ रही हैं। सुरेशा चौबे का कहना है कि उन्होंने माहौल को देखकर इस लहजे में बात की थी।

समर्थन में उतरे कांग्रेस विधायक समेत कई गिरफ्तार

दंतेवाड़ा में पुलिस आंदोलन का समर्थन करने पुलिस लाइन पहुंची विधायक देवती कर्मा और उनकी पुत्री तूलिका को पुलिस गिरफ्तार कर लिया। इधर रायपुर में पुलिस लाइन जा रहे शहर कांग्रेस अध्यक्ष विकास उपाध्याय व समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।