Exclusive : नमो एप सर्वे में छिपा विधायकों की टिकट का भविष्य

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कटनी। प्रधानमंत्री स्वयं भाजपा एमएलए का सर्वे करा रहे हैं। वैसे तो पूरी सरकार के कामकाज का ऑनलाइन सर्वे इस एप के माध्यम से चल रहा है, लेकिन खास विधायकों के लिए किया जा रहा सर्वे विधायकों के लिए विशेष टेंसन बना है।नमो एप में विधायकों के लिए पूछे गए प्रश्न का पहला सवाल है कि क्या आप अपने विधायक का नाम जानते हैं? प्रश्न है

अपने विधायक का नाम बताएं।

दूसरा और सबसे अहम प्रश्न है कि क्या आप अपने विधायक के द्वारा की गई पहल को जानते हैं?

तीसरा प्रश्न है कि क्या आप उनसे आसानी से मिल सकते हैं

और अंतिम प्रश्न है कि क्या आप उनके द्वारा कराए गए कार्यों से सन्तुष्ट हैं?

एक और अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न है कि क्या आप अपने विधायक से आसानी से मिल सकते हैं?

सभी सवाल विधायकों के लिए काफी परेशान करने वाले हो सकते हैं। माना जा रहा है कि नमो एप के इन सवालों में विधायकों के टिकट का भविष्य भी छिपा है। इसी रेटिंग के आधार पर इस बार प्रदेश भाजपा में टिकट बंटवारे को लेकर केंद्र मतलब राष्ट्रीय आलाकमान का सीधा दखल रहेगा। साफ है स्थानीय नेताओं को तिकिटार्थी चाहे जितना विश्वास में लेने की कोशिश करें किन्तु उनकी कुंडली जनता ही सेट कर रही है।

क्या है नमो एप का पीपुल्स पल्स
नरेंद्र मोदी एप काफी लोकप्रिय एप बन गया है कई करोड़ लोग इसे अभी तक डाउनलोड कर चुके हैं। इस एप के माध्यम से पीएम मोदी ने सीधे जनता से जुड़ने की कोशिश की है। लेकिन फिलहाल चुनावी वक्त में इस एप ने उन चार राज्यों में विधायकों की नींद उड़ा कर रखी है जहां इस साल नवम्बर में चुनाव होने हैं। इसी एप में पीपुल पल्स नाम से एक टास्क दिया गया है इस टास्क के जरिए करीब एक दर्जन सवालों का जवाब जनता से लिया गया है जिसमें केन्द्र और राज्य की सरकार से जुड़े प्रश्र शामिल हैं

कौन है आपके जिले और प्रदेश का लोकप्रिय जनप्रतिनिधि
जी हां यह प्रश्र भी इस पीपुल्स पल्स में शामिल किया गया है जिसमें तीन नामों को पूछा गया है नमो एप में इस प्रश्र पर तीन नाम के पैनल मंगाये गये हैं। पहले पैनल में प्रदेश के तीन लोकप्रिय जनप्रतिनिधियों के नाम लिखना है, जबकि दूसरे में जिले के तीन लोकप्रिय नेताओं के नाम बताने हैं। साथ ही यह भी बताना है इनकी किस कार्यशैली से आप प्रभावित हैं। साफ है कि इसके जरिये यह जानने की कोशिश है कि प्रदेश नेतृत्व से जनता कितनी खुश है अलावा जिले के लोकप्रिय नेताओं के प्रश्र से आने वाले लोकसभा चुनाव में सांसदी की टिकिट के लिए भी सर्वे माना जा रहा है।
सांसदों की भी परीक्षा
ऐसा नहीं कि नमो एप में सिर्फ विधायकों की ही परीक्षा है। सांसदों को लेकर भी सवाल पूछे गए हैं। सवालों की शुरुआत ही इसी प्रश्न से होती है कि क्या आप अपने सांसद को जानते हैं। साथ ही यह भी बताना है कि आप सांसद के द्वारा कराये गये कार्यों से परिचित हैं अथवा उनकी कौन से पहल को आप सबसे बेहतर मानते हैं?


अपने निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के तीन सबसे लोकप्रिय नेताओं के नाम
विधायकों की टिकट के भविष्य के साथ इनकी टिकट काट कर किसे टिकट दी जाए इसे भी सर्वे में शामिल किया गया है एक अन्य प्रश्र भी है जो विधायक की चिंता का सबब है, जिसमें पूछा गया है कि अपने निर्वाचन क्षेत्र के 3 सबसे लोकप्रिय नेताओं के नाम बताएं? साथ ही इसका पैमाना क्या है जिसमें शामिल है ईमानदारी और सत्य निष्ठा, लोगों तक पहुंच और विनम्रता तथा युवाओं और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता। मतलब साफ कि जो भाजपा नेता इस पैमाने में अव्वल अंक हासिल करेगा हो सकता है उसे ही टिकट मिल जाए।

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