देहरादून। देहरादून का कर्नल ब्राउन कैम्ब्रिज स्कूल एक मामले में अनोखा स्कूल हो गया है। यहां 250 लड़कों के बीच एक अकेली लड़की पढ़ाई कर रही हो। लड़कों के बीच पढ़ रही यह अकेली लड़की शिकायना छठवीं कक्षा की छात्रा है। शिकायना इस स्कूल और उसकी पढ़ाई से काफी खुश है।

इस बॉयज स्कूल में 250 लड़कों के बीच अकेली लड़की होने के पीछे एक खास कारण है। शिकायना को मजबूरी में इस स्कूल में एडमिशन लेना पड़ा था। शिकायना ने वॉयज ऑफ इंडिया के पिछले सीजन में हिस्सा लिया था और जब शो करने के बाद स्कूल गई तो उसे स्कूल वालों ने लेने से मना कर दिया। उसे स्कूल छोड़ना पड़ा। अब उसका साल भी बिगड़ता। कई स्कूलों में पिता ने एडमिशन के लिए कोशिश की लेकिन कहीं भी उसे एडमिशन नहीं मिला। पूरा परिवार चिंता में आ गया और शिकायना को भी अपनी पढ़ाई खराब होने का दुख था। उसे लगा कि उसे फिलहाल अभी कहीं एडमिशन नहीं मिलने वाला है।

शिकायना के पिता भी टीचर हैं। वे बॉयज स्कूल कर्नल ब्राउन कैम्ब्रिज स्कूल में पढ़ाते हैं। उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था जब शिकायना का एडमिशन कहीं नहीं हुआ। लेकिन थक हारकर उन्होंने अपने स्कूल प्रशासन से इस बारे में बात की। शिकायना के साथ हुई सारी बातें बताई तो स्कूल प्रशासन उसे एडमिशन देने के लिए राजी हो गया।

अब यह बॉयज रेसिडेंशियल स्कूल था तो स्कूल प्रशासन ने उसके लिए कई बदलाव किए। इस नए स्कूल में वो लड़कों जैसा ही यूनिफॉर्म पहन कर जा रही हैं। उसकी क्लास में 17 लड़के हैं और उनके साथ वह भी पैंट-शर्ट पहनकर जाती है और उनके ही जैसी दिखती है। अंतर अगर समझ आता है तो वह है बस बालों का, क्योंकि शिकायना के बाल लंबे हैं।

शिकायना को स्कूल स्टाफ और स्टूडेंट्स दोनों से ही सपोर्ट मिलता है। वह टीचर टॉयलेट यूज करती हैं, क्योंकि स्कूल में गर्ल्स टॉयलेट नहीं है। शिकायना के आने के बाद उनके स्कूल के लड़के अब शैतानी कम करते हैं।