इंदौर। आवारा श्वानों की संख्या कम करने और उन्हें परिवार का प्यार देने के लिए एक एनजीओ ने नई पहल की है। अलग-अलग मोहल्लों में पल रहे श्वानों को अब गोद देने की तैयारी की जा रही है।

छोटे-बड़े करीब 15 तरह के विभिन्न ब्रीड के श्वान को गोद लेने के लिए एनजीओ लोगों से अपील कर रही है। इसमें श्वान पालने के अनुभव वाले परिवार को प्राथमिकता दी गई है। इनके लिए नियमानुसार गोद लेने की प्रक्रिया की जाएगी। नियम/शर्तों का उल्लंघन करने वाले मालिक पर कार्रवाई भी हो सकती है।

एनजीओ पीपल फॉर एनिमल ने फेसबुक पर कुछ श्वानों की फोटो अपलोड कर पशु प्रेमियों से अपील की है कि आप श्वान खरीदने की बजाय गोद ले लें। संस्था की प्रियांशु जैन ने बताया कि अब तक 50 से ज्यादा श्वानों को गोद दिया जा चुका है। इसमें आवारा घूमने वालों से लेकर घरों में पलने वाले श्वान तक शामिल हैं। जैन के मुताबिक जब कोई अपने श्वान को पालने में असमर्थ हो जाता है तो संस्था से संपर्क करता है।

गोद देने के पहले परिवार से बाकायदा फॉर्म साइन करवाया जाता है। गोद लेने वाले परिवार का आईडी प्रूफ भी संस्था के पास जमा रहता है। अनुबंध फॉर्म में श्वान का रेगुलर चेकअप, हर 15 दिन में फोटो भेजना, नसबंदी करवाना, ज्यादा समय के लिए अकेले छोड़कर नहीं जाना जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया है।

संस्था द्वारा कभी भी घर जाकर श्वान की स्थिति देखी जा सकती है। अगर श्वान का वजन पहले से कम या स्थिति खराब लगती है तो वापस ले जाते हैं। सिर्फ परिवार में ही गोद दिया जाता है अकेले रहने वाले लड़के या लड़कियों को नहीं दिया जाता।