ज्योतिषाचार्य पं. सतीश सोनी के अनुसार सूर्य जब दक्षिणायन होते हैं तो उस समय से ही वर्षा ऋतु का आगमन माना जाता है। इसके साथ ही सूर्य 22 जून को सुबह 11.12 मिनट पर आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। सूर्य के आद्रा नक्षत्र में प्रवेश वर्षा कारकयोग का निर्माण करेगा। 22 जून से ग्वालियर में मौसम परिवर्तन नजर आने लगेगा।

आद्रा नक्षत्र में प्रवेश के समय सिंह लग्न की कुण्डली होगी और मंगल ग्रह अपनी पूर्ण दृष्टि से लग्न को देखेंगे। लग्नेश सूर्य व बुध ग्रह लाभ के घर में बैठे हैं जो कहीं पर अति वृष्टि तो कहीं पर खण्ड वृष्टि कराएंगे। वहीं चित्रा नक्षत्र के कारण इस वर्ष दलहन के उत्पादन में वृद्वि होगी। लग्न व मंगल दोनों अग्नि तत्व प्रधान है अतः विश्व के अधिकांश भू-भाग सामान्य से अधिक गर्म होंगे एवं अग्निकाण्ड, आगजनी, भूखण्ड, भूसखलन होने के योग बने रहेंगे।

 

अच्छी वर्षा का योग बनाते हैं ग्रह –

8 जून से शुक्र ग्रह कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं और बुध ग्रह 10 जून को मिथुन राशि में प्रवेश कर चुका है। साथ ही बुध का आद्रा नक्षत्र में 13 जून को प्रवेश हो चुका है जबकि 15 जून को मिथुन राशि में सूर्य का प्रवेश तथा सूर्य की मिथुन संक्रांति का होना एवं 21 जून को ही सूर्य का दक्षिणायन होना अच्छी बारिश के कारक हैं।

सभी ग्रह दे रहे हैं अच्छी बारिश के संकेत –

सूर्य 22 जून को 11 बजकर 12 मिनट पर आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, सिंह लग्न की कुण्डली में कन्या के चन्द्रमा तुला के गुरु, मिथुन राशि में सूर्य व बुध ग्रह व धनु राशि में शनि, मकर राशि में मंगल केतु व कर्क राशि के शुक्र व राहु होंगे। यह सभी ग्रह इस समय सही जगहों पर स्थित हैं, जिसके कारण अच्छी बारिश के संकेत बन रहे हैं।